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शीतलाष्टमी मेला: मठरी, सिलवड़े, पापड़, गुलगुले, खाजा का चढ़ा भोग, मांगा आशीर्वाद…VIDEO

नागौर. शीतलाष्टमी पर शनिवार को जोधपुर-बीकानेर बाईपास के निकट स्थित शीतला माता मंदिर में मेला भरा। श्रद्धालुओं की लाइन माता के दर्शनों के लिए लगी रही। मंदिर परिसर के आसपास करीब एक किलोमीटर के दायरे में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। अत्याधिक भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं को अलग-अलग कतारों से माता का दर्शन कराया जा […]

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नागौर. शीतलाष्टमी पर शनिवार को जोधपुर-बीकानेर बाईपास के निकट स्थित शीतला माता मंदिर में मेला भरा। श्रद्धालुओं की लाइन माता के दर्शनों के लिए लगी रही। मंदिर परिसर के आसपास करीब एक किलोमीटर के दायरे में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। अत्याधिक भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं को अलग-अलग कतारों से माता का दर्शन कराया जा रहा था। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने शीतला माता को ठंडे भोजन (बास्योड़ा) का भोग लगाकर बच्चों को चर्म सम्बन्धी बीमारियों से संरक्षण की मनौती मांगी व खुशहाली की कामनाएं की।
शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही लगनी शुरू हो गई। सुबह साढ़े तीन बजे से श्रद्धालुओं की लाइन माता के दर्शनों के लिए लगी रही। श्रद्धालुओं ने माता को भोग ठंडा प्रसादी के रूप में मीठी नमकीन पुडिय़ां, सोगरा, शक्करपारे, पंचकुटे व केरी-गूंदा की सब्जी, केरी पाक, लांजी, मठरी, सिलवड़े, खीचिए, पापड़, गुलगुले, खाजा, कांजी बड़े, दही बजे आदि कई तरह के के पारम्परिक पकवानों को अर्पित किया। मंदिर परिसर के करीब 100 मीटर की दूरी तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। धार्मिक उत्सव आयोजन समिति एवं विश्व हिंदू परिषद व दुर्गा वाहिनी के कार्यकर्ता श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने में लगे रहे। श्रद्धालुओं के जयघोष से माहौल बदला रहा। गर्मी केा ध्यान में रखते हुए टेंट आदि लगाकर छाया एवं शीतल की व्यवस्थाएं इनकी लिए की गई थी। इसके पूर्व शुक्रवार शाम से ही घरों में महिलाएं पकवान बनाने में जुटी रहीं। महिलाओं ने मिट्टी पर सांकेतिक खेती कर शगुन लिया। घरों में नए घड़े रखे गए। शीतला माता मंदिर परिसर में स्थित शिव परिवार मंदिर का भव्य श्रृंगार किया गया। धार्मिक उत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष पुखराज सांखला ने बताया कि यह मंदिर करीब सौ वर्ष पुराना है। मंदिर का प्रथम जीर्णोद्धार विक्रम संवत 2006 में हुआ था। उस समय से ही शीतला माता की प्राचीन मूर्ति की शीतला अष्टमी को पूजा की जाती है। शीतला माता मंदिर में हनुमान व गणेश की मूर्ति भी स्थापित की हुई है। परिसर में ही शिव मंदिर का निर्माण भी करवाया गया।
मेले लगी दुकानों पर उमड़ी भीड़
मंदिर परिसर के बाहर मेले में लगी दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ी। खरीदारों की भीड़ से दुकानदार भी उत्साहित रहे। इस दौरान मंदिर परिसर के बाहर ही शीतला माता की सवारी का भी श्रद्धालुओं ने पूजन किया। मेले की व्यवस्थाओं में संजय सोनी, नरेंद्र सोनी, कपिल शर्मा, मनोहर, रामकुमार भाटी, रामावतार चांडक, मोहित अग्रवाल, मनीष सोनी, रामेश्वर जांगू, मेघराज राव, पुरुषोत्तम राजवंशी, रामेश्वर सारस्वत , राधेश्याम टोगसिया, विशाल, सत्यनारायण पारीक, नंदकुमार शर्मा, माया सांखला आदि की टीम लगी हुई थीं।