नागौर. ग्राम पंचायत ताऊसर की ओर से शीतलाष्टमी पर शनिवार को डांडिया उत्सव व मेला का आयोजन किया गया। ढोल की ताल के साथ पगडिय़ों से सजे-धजे पारंपरिक वेशभूषा में हुए डांडिया से पूरा माहौल बदला नजर आया। राजस्थानी गीतों पर सधे कदमों से डांडियां की खनक से ग्रामीण उत्साहित नजर आए। इस दौरान युवाओं ने जहां पारंपरिक परिधान के साथ डांडिया किया, वहीं ढोल की थाप, डांडिया की खनक व पायलों की झंकार उनको उत्साहित करती नजर आई। शीतलाष्ट्रमी पर हर साल की तरह इस बार डांडिया उत्सव शुरू हुआ तो फिर पूरा मेला ही डांडिया के रंग में रंगा नजर आया। पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक विशेषताओं को दर्शा रहे परिधानों में शामिल हुए युवक व युवतियों के साथ अन्य उम्र वर्ग के ग्रामीणों ने भी जमकर धमाल किया। डांडिया करते हुए युवाओं के चेहरे उत्साह से लबरेज नजर आए। इस दौरान वहां पर प्रोत्साहन करने के लिए भीड़ में ही कई ग्रामीण डांडिया की मुद्रा में नृत्य करते नजर आए। सिर पर पचरंगी पाग के साथ जोश से लबरेज कदमों से ढोल से निकलती ताल के साथ ग्रामीणों के डांडिया करने से मेला का रंग बदला रहा। इस मौके ताऊसर गांव के 24 बास मोहल्ले सहित चेनार, राठौड़ का कुआ, नया दरवाजा सालवा, रोल सहित कई गांवों के ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। मेला के दौरान ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की। इसी तरह से रामदेव पशु मेला मैदान के निकट स्थित रामदेव मंदिर के पास भी डांडिया का आयोजन किया गया। इसमें भी ग्रामीणों ने जमकर डांडिया किया