
उद्धव ठाकरे ने ठाणे में भरी हुंकार, कहा- सभी बिकाऊ बिक गए
Uddhav Thackeray Vs Eknath Shinde: निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार (17 फरवरी) को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे के नेतृत्व वाले समूह को ‘शिवसेना’ नाम और उसका चुनाव चिह्न ‘धनुष-बाण’ आवंटित किया। इसे उद्धव ठाकरे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। शिंदे गुट ने दावा किया है कि अब उसे शिवसेना की पहचान मिलने के बाद ठाकरे गुट की ओर से जोरदार आउटगोइंग शुरू हो सकती है। इसका सीधा फायदा सीएम एकनाथ शिंदे को होगा। इसलिए आगामी समय ठाकरे गुट के लिए मुश्किलों भरा हो सकता है।
महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र 27 फरवरी से शुरू होने वाला है। शिंदे के साथ शिवसेना के 40 विधायक पहले से है और अभी भी ठाकरे गुट के साथ शिवसेना के 15 विधायक है। ऐसे में अगर शिवसेना (शिंदे खेमा) विधानसभा में व्हिप जारी करता हैं तो ठाकरे गुट के विधायकों को भी उसी हिसाब से काम करना होगा। यानी उन्हें शिंदे-फडणवीस सरकार के पक्ष में मतदान करना होगा। इन विधायकों में उद्धव ठाकरे के बेटे व मुंबई के वर्ली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले आदित्य ठाकरे भी शामिल हैं। यह भी पढ़े-‘इसलिए गायब हुआ धनुष-बाण’, भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को लेकर असम के CM का उद्धव गुट पर कटाक्ष
जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र विधानसभा में विधेयकों (बिल) पर मतदान के दौरान या अन्य जरूरी कार्यों के समय पार्टी अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी करती है। इस व्हिप का उल्लंघन करने पर विधायकों को अयोग्य तक ठहराया जा सकता है। व्हिप का उल्लंघन करने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार विधानसभा/विधान परिषद के अध्यक्ष के पास होता है। शिंदे खेमें के नेता राहुल नार्वेकर वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष हैं।
वर्तमान में शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और चिन्ह मिला है। लिहाजा अब शिंदे गुट यानी शिवसेना का व्हिप आदित्य ठाकरे समेत उद्धव खेमे के सभी 15 विधायकों पर बाध्यकारी होगा। इससे पहले शिंदे गुट ने ठाकरे गुट के विधायक आदित्य ठाकरे को छोड़कर सभी विधायकों को निलंबित करने की मांग की थी।
Published on:
19 Feb 2023 08:07 pm
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