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जूहू बीच पर छठ पूजा की अनुमति नहीं: मुंबई हाईकोर्ट

मुंबई हाईकोर्ट ने कहा है कि छठ पूजा, गणेशोत्सव जैसे त्योहारों के दौरान पब्लिक प्लेस पर संस्कारों के नाम पर होने वाला नाच-गाना बंद होना चाहिए

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Sunil Sharma

Oct 23, 2015

mumbai high court

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मुंबई। जूहू बीच पर एक धार्मिक आयोजन के मामले की सुनवाई करते हुए मुंबई हाईकोर्ट ने कहा है कि त्योहारों के दौरान पब्लिक प्लेस पर संस्कारों के नाम पर होने वाला नाच-गाना बंद होना चाहिए। यह याचिका 'मन रंगलो' नाम की एक संस्था की तरफ दाखिल की गई थी। संस्था ने कोर्ट से जूहू बीच पर छठ पूजा करने के लिए अनुमति मांगने के लिए अपील की थी। इससे पहले संस्था के आयोजन को स्थानीय जिला प्रशासन ने नॉइज पॉल्यूशन, ट्रैफिक की परेशानी व अन्य समस्याओं का जिक्र करते हुए अनुमति देने से मना कर दिया था।

पिछली बार भी हुआ था हंगामा

कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाली संस्था मन रंगलो हर वर्ष जूहू बीच पर छठ पूजा के लिए आजोयन करती है। इसमें आयोजन से जुड़े सभी कार्यक्रमों की व्यवस्था संस्था ही देखती है। परन्तु पिछली बार आयोजन में इस संस्था ने तेज आवाज में गाने बजाए थे। जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई थी। इसके अतिरिक्त वहां पर संस्था ने कचरा भी छोड़ दिया था।



ये कहा कोर्ट ने


कोर्ट ने कहा कि बीच आम पब्लिक प्रोपर्टीज हैं। इस तरह के आयोजनों से यह जगहें दो दिन के लिए बुक हो जाती हैं। इसके बाद अगले 10 दिनों तक लोग इन जगहों का इस्तेमाल नहीं कर पाते। जज ने सुनवाई करते हुए कहा कि हम धार्मिक त्योहारों और परंपराओं के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हम सभी से इस बात की रिक्वेस्ट करते हैं कि त्योहारों की पवित्रता और संस्कार बनाए रखें। परंपराओं के नाम पर डांस और गाने को दूर ही रखें। इसलिए इस तरह के आयोजनों को रोका जाना चाहिए।


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