
चंबल नदी के पाली घाट पर छोड़े 32 घडिय़ाल
मुरैना. देवरी घडिय़ाल केन्द्र में पल रहे 32 घडिय़ालों को श्योपुर में चंबल नदी के पाली घाट पर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़े गए। इसमें 17 फीमेल एवं 15 मेल घडिय़ाल शामिल थे। अभी तक चंबल नदी में के विभिन्न घाटों पर 84 घडिय़ालों को आजाद किया जा चुका है।
देवरी घडिय़ाल केन्द्र में पल रहे 2021 बैच के घडिय़ालों में से 32 घडिय़ालों को चंबल नदी में छोड़ा गया है। इससे पूर्व दस फरवरी की सुबह घडिय़ालों को देवरी घडिय़ाल केन्द्र से पेटियों में पैक करके सुरक्षित वाहनों से श्योपुर जिले के चंबल नदी के पाली घाट पर ले जाया गया। वहां वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की उपस्थिति में घडिय़ाल चंबल नदी में रिलीज किए गए। इस अवसर पर एसडीओ भूरा गायकवाड़, रेंजर, टेक्नीशियन ज्योति डंडोतिया सहित अन्य अधिकारी व कर्मचरी मौजूद रहे।
200 अंडे कलेक्ट किए जाते हैं हर साल
चंबल नदी के किनारे रेत से हर साल 200 अंडे घडिय़ाल के कलेक्ट किए जाते हैं और उनको देवरी घडिय़ाल केंद्र पर उचित तापमान पर रखा जाता है। यहां मई से जून महीने के बीच अंडों से बच्चे बाहर आते हैं। उनका ढाई से 3 साल तक केंद्र पर पालन पोषण किया जाता है जैसे ही उनकी लंबाई 120 सेंटीमीटर की हो जाती है तो इनको चंबल नदी के अलग-अलग घाटों पर छोड़ दिया जाता है।
308 में से 84 घडिय़ाल छोड़े गए
देवरी घडिय़ाल केन्द्र पर करीब 308 घडिय़ाल पल रहे हैं। इनमें से इस साल 84 घडिय़ाल को चंबल नदी में छोड़ा गया है। इनमें से 25 घडिय़ाल अंबाह क्षेत्र में चंबल नदी घाट पर 23 दिसंबर को छोड़े जा चुके हैं और 27 घडिय़ाल 31 दिसंबर को मुरैना-धौलपुर के बीच चंबल नदी के राजघाट पर छोड़े गए हैं। चंबल नदी में उन घडिय़ालों को छोड़ा जा रहा है जिनको ढाई से तीन साल हो गई और उनकी लंबाई 120 सेमी की हो चुकी है।
Published on:
10 Feb 2024 08:28 pm
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