विविध भारत

‘खींचतान के चलते जनता परिवार के विलय को लगा ग्रहण’

जदयू और राजद के बीच सीटों के बटवारे को लेकर इन दोनों दलों के बीच जारी खीचतान से विलय पर ही ग्रहण लग गया है

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May 10, 2015
Ram Gopal Yadav

पटना। बिहार में राष्ट्रीय
जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रमुख सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने रविवार
को कहा कि जनता परिवार का विलय कभी भी संभव नहीं है क्योंकि जनता दल यूनाइटेड
(जदयू) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच सीटों के बटवारे को लेकर इन दोनों दलों
के शीर्ष नेताओं के बीच जारी खीचतान से विलय पर ही ग्रहण लग गया है। लोजपा के
प्रदेश अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मंत्री पशुपति कुमार पारस ने यहां कहा कि जनता
परिवार का विलय संभव नहीं और विलय में तकनीकी समस्याएं है। जनता परिवार में विलय
करने की जिम्मेवारी संभाल रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा
सांसद प्रो. राम गोपाल यादव ने इस संबंध में अपनी पार्टी की ओर से बयान देकर स्थिति
को स्पष्ट कर दिया है।

उन्होंने कहा कि यादव के इस संबंध में बयान के बाद
जनता परिवार के विलय का अब कोई सवाल ही नहीं उठता है। पारस ने कहा कि जनता परिवार
के विलय की बात करना ही गलत होगा क्योंकि उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ सपा का चुनाव
चिन्ह साईकिल है और इसी तरह साईकिल चुनाव चिन्ह कुछ अन्य प्रदेशों में भी राजनीतिक
दलों के पास है। राष्ट्रीय स्तर पर यह कतई संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता
परिवार में विलय की सूचना के बाद से ही उत्तर प्रदेश में सपा के लगभग 50 विधायक
दूसरे दलों में जाने की कवायद में लग गए है।

लोजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा
कि इसी तरह की स्थिति बिहार में भी है। जदयू के निलंबित विधायक और बिहार के पूर्व
मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पार्टी का चुनाव चिन्ह तीर लेकर जहां चुनाव में उतरने
में लगे है वही राष्ट्रीय जनता दल के निष्कासित सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव
पार्टी का चुनाव चिन्ह लालटेन लेकर घूमने के लिए अपनी ताकत दिखा रहे है। उन्होंने
कहा कि जदयू और राजद में भी इस विलय को लेकर काफी नाराजगी है। पारस ने कहा कि
लोकसभा के चुनाव में बिहार की जनता ने मुख्यमंत्री एवं जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश
कुमार के साथ ही राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पार्टी को खारिज कर दिया
था।

जनता से खारिज होने के बाद कुमार और यादव फिर से लोगों में भ्रम फैलाने
के लिए विलय की बात कर रहे है। उन्होंने कहा कि इस बार के बिहार विधान सभा के चुनाव
में जदयू और राजद का माया जाल चलने वाला नहीं है। लोजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जनता
परिवार के विलय को कुमार और यादव का प्रयास बताया और कहा कि इन दोनों दलों के
कार्यकर्ताओं का दिल कभी भी नहीं मिला है। कुमार और यादव के बीच सीटों के बटवारे को
लेकर खीचतान चल रही है और यह होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि कुमार और यादव के
बीच राज्य में पुलिस अधीक्षकों के तबादले को लेकर उठा पटक जारी है। इसी तरह कुछ
अन्य मुद्दों पर भी दोनों नेताओं के बीच खीचतान चल रही है।

Published on:
10 May 2015 11:13 pm
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