14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पहाड़ के लोगों के लिए सेना भर्ती में ऊंचाई घटी, 1 अक्टूबर से होगा लागू

भारतीय सेना ने पहाड़ी राज्यों की लंबी समय से रही मांग को पूरा कर दिया है। इन राज्यों के लोगों के लिए सेना में  भर्ती के नियम में थोड़ी छूट दी गई है।

2 min read
Google source verification
Army Recruitment

Army Recruitment

देहरादून। भारतीय सेना ने पहाड़ी राज्यों की लंबी समय से रही मांग को पूरा कर दिया है। इन राज्यों के लोगों के लिए सेना में
भर्ती के नियम में थोड़ी छूट दी गई है। सैनिकों की भर्ती के लिए न्यूनतम ऊंचाई को 166 सेंटीमीटर से घटाकर 163 सेमी कर
दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में एक नोटिफिकेशन इस हफ्ते सेना मुख्यालय की ओर से पश्चिमी हिमालयाई इलाकों
के रेजिमेंटल सेंटर्स को भेजा गया है। यह आदेश 1 अक्टूबर से लागू होगा।

इन हिमालयाई क्षेत्रों के लोगों को होगा लाभ
पश्चिमी हिमालयाई क्षेत्रों में उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब हिल्स ( हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बीच
अंतरराज्यीय सीमा के दक्षिण और पश्चिम इलाके के साथ-साथ मुकेरियान, होशियारपुर, गढ़शंकर, रोपड़ और चंडीगढ़ का पूर्वी
इलाका) शामिल है। इन क्षेत्रों के लोगों का कहना था कि अपनी थोड़ी सी कम ऊंचाई के कारण वे लोग सेना में शामिल नहीं हो
पाते हैं। सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया, सेना ने पश्चिमी हिमालयाई क्षेत्र के स्थानीय लोगों के लिए
न्यूनतम ऊंचाई की अनिवार्यता में 3 सेमी की कमी की है।

अलग-अलग इलाके के लिए अलग-अलग ऊंचाई अनिवार्य
अलग-अलग इलाके के लिए सेना ने अलग-अलग ऊंचाई अनिवार्य कर रखा है। पूर्वी हिमालयाई क्षेत्र के लिए न्यूनतम ऊंचाई 160
सेमी है। पश्चिमी मैदान वाले इलाकों के लिए यह ऊंचाई 170 सेमी है जबकि पूर्वी मैदानी इलाकों के लिए यह 169 सेमी है। मध्य
एवं दक्षिणी इलाकों के लिए ऊंचाई क्रमश: 168 सेमी और 166 सेमी है।

सेना में भर्ती के लिए बदले नियम
इससे पहले सेना में भर्ती के लिए फर्जीवाड़ा व दलालों को रोकने के लिए सेना मुख्यालय द्वारा भर्ती के नियमों में कई फेरबदल
किए गए हैं। भर्ती की प्रक्रिया में जहां रजिस्ट्रेशन करने के दौरान आधार से लिंक करना जरूरी है वहीं, रजिस्ट्रेशन के बाद
ऑनलाइन कम्प्यूटर बेस पर परीक्षा आयोजित की जाएंगी। इतना ही नहीं बल्कि भर्ती प्रक्रिया से लेकर ट्रेनिंग तक चयनित
उम्मीदवारों की बायोमीट्रिक सिस्टम से पहचान की जाएगी। ओपन स्कूल से मैट्रिक परीक्षा पास करके भर्ती में शामिल होने वालों
पर भी सेना की पूरी निगरानी रहेगी। उम्मीदवार के स्कूल प्रमाण पत्र से लेकर सभी दस्तावेजों की गंभीरता से जांच भी करेगी।
सेना की ओर से पूरी प्रक्रिया इसी साल जुलाई से शुरू करने की योजना है। हालांकि, सेना द्वारा इसकी पूरी तैयारियां भी कर ली
गईं हैं।

ये भी पढ़ें

image

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग