
संसद के बाहर एक युवक को पकडक़र ले जाते पुलिसकर्मी।
नई दिल्ली. संसद भवन के बाहर रोजाना की तरह भीड़ थी। दर्शक दीर्घा में जाने के लिए लोग गेट के बाहर खड़े थे। कुछ लोग पास बनवाने के लिए चहलकदमी कर रहे थे। सुरक्षाकर्मी रोजाना की तरह तैनात थे। दोपहर में करीब 12 बजकर 33 मिनट में परिसर के बाहर अचानक शोर होने लगा। पार्लियामेंटरी रिसेप्शन गेट के बाहर गार्डन के पास पीले रंग कर धुआं नजर आया। एक तेज आवाज भी आई। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग कुछ समझ पाते तब तक दो जने नारेबाजी करने लगे। नारे में इतना ही सुनाई दे रहा था ‘ये नहीं चलेगा’। एक महिला और एक पुरुष नारा लगा रहे थे। चारों तरफ भीड़ इक_ा हो गई। तभी सुरक्षा जवानों के वायरलेस सेट में सदन के अंदर से कुछ अप्रिय घटना होने की सूचना आई। जवानों ने फौरन मोर्चा संभाला। आम लोगों को वहां हटाया जाने लगा और चारों तरफ बेरिकेडिंग कर दी गई। आने-जाने वाले लोगों से सख्त पूछताछ होने लगी और गाडिय़ों की चेकिंग की जाने लगी। सदन और परिसर के अंदर जितने लोग थे, सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाहर निकल रहे लोगों से पत्रिका ने जाना अंदर के दहशत का माहौल....
आंखों देखी.....
दोनों युवकों ने बारी बारी से छलांग लगाई
-हैदराबाद से आई प्रिया ने बताया कि हम लोग 4 नंबर गैलरी में बैठे थे। तभी अचानक धम्म की आवाज आई। गैलरी में आगे बैठे दो लोगों ने बारी-बारी से नीचे छलांग लगा दी। पैर के पास से निकालकर स्मोक बम छोड़ दिया। अंदर धुआं भरने लगा। सिक्योरिटी वालों ने तत्काल हमें बाहर निकाला।
-दोनों युवकों के ठीक पीछे बैठी अनुप्रिया ने बताया कि मेरे ठीक आगे दोनों पहले से बैठे हुए थे। सब सामान्य लग रहा था। अचानक से दोनों खड़े हुए और छलांग लगा दी। हमें कुछ समझ ही नहीं आया।
युवक को दबोचने वाले सांसद मलूक नागर ने कहा,
लगा 13 दिसंबर वाली घटना फिर हो गई....
सदन के अंदर एक युवक को दबोचने वाले बिजनौर के सांसद मलूक नागर ने बताया कि जहां बैठे थे, वहां पीछे से अचानक धड़ाम की आवाज आई। पीछे मुडकऱ देखा तो एक युवक ऊपर गैलरी से कूद रहा था। उसको देखते ही समझ आ गया कि 13 दिसंबर वाली घटना फिर हो गई। हम तो उसकी तरफ तेजी से उठकर भागे। हमें लगा कि उसके पास हथियार होगा, कहीं ये सांसदों के ऊपर चला न दे। उसने जूता निकालने की कोशिश की तो लगा जूता फेंककर मारेगा, लेकिन उसने जूते से कुछ निकाला और उससे धुआं फैलने लगा। मेरे साथ हनुमान बेनीवाल और तीन-चार सांसद थे, सभी ने मिलकर पकड़ा और पीटने लगे। तत्काल पुलिस वाले आए और दोनों को पकड़ लिया।
सांसद श्याम सिंह :
स्प्रे का पीला धुआं भरने लगा लगा था...
बसपा सांसद श्याम सिंह यादव ने बताया कि बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से सदन की कार्यवाही चल रही थी। शून्य काल चल रहा था। पीछे से जोर की आवाज आई। मुडकऱ देखा तो दो लडक़े गैलरी से कूदकर नीचे आ चुके थे। इनके पास मशाल जैसा कुछ था। एक डायस की तरफ भागा जा रहा था। नारेबाजी भी कर रहे थे। पूरा तो नहीं सुनाई दे रहा था लेकिन कह रहे थे नहीं चलेगा, नहीं चलेगा। एक ने स्प्रे किया, जो पीले रंग का था। स्पे्र से धुआं भरने लगा। गैलरी की ऊंचाई इतनी कम है कि कोई भी कूद सकता है। सुरक्षा चूक तो है ही। दोनों युवक करीब साढ़े पांच फीट के थे। सांवला रंग था। जैकेट पहने हुए थे।
सांसद धैर्यशील माने :
सफेद रंग के जूते में छुपा रखा था स्प्रे
महाराष्ट्र से लोकसभा सांसद धैर्यशील माने ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ चार नंबर गैलरी में बैठे हुए थे। घटना को अंजाम देने वाले युवक भी वहीं थे। अचानक नीचे कूदे। एक ने सफेद रंग के जूते पहने हुए थे। उसमें ही गैस स्प्रे छुपाकर रखा था।
सांसद महुआ माझी :
राज्यसभा में भी रोक दी गई कार्यवाही
संसद भवन के बाहर मिली राज्यसभा सांसद महुआ माझी ने बताया कि भाजपा सांसद के हस्ताक्षर से पास जारी हुआ था। यह किसी दूसरी पार्टी के सांसद के हस्ताक्षर से जारी हुआ होता तो अब तक निष्कासन की कार्रवाई हो गई होती। लोकसभा में हमले के बाद राज्यसभा में भी कार्यवाही रोक दी गई। यह पूरे देश की चिंता है।
एफएसएल की टीम ने लिया सैंपल, स्पॉट किया सील
ट्रांसपोर्ट भवन की ओर संसद परिसर के बाहर स्प्रे बम फोडऩे वाले दो जनों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनकी एक हिसार की रहने वाली 42 वर्षीय नीलम थी, जबकि दूसरा युवक महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला 25 वर्षीय अमोल शिंदे है। दोपहर करीब 3 बजे फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम मौके पर पहुंची। जहां से इन्हें पकड़ा गया। उस जगह को सील कर सैंपल लिया गया। दो साइट से सैंपल लेकर टीम रवाना हो गई।
(संसद भवन से लाइव देवेंद्र गोस्वामी और रुपेश मिश्रा)
Published on:
14 Dec 2023 12:07 am
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