यह भी पढ़ेंः Lockdown: आधी रात को बीमार महिला ने यूपी 112 को किया फोन तो तुरंत पहुंच गई पुलिस, कराया अस्पताल में भर्ती शहर के लोगों ने मोदी की अपील की सराहना करते हुए कहा कि इस महामारी को समाप्त करने के लिए यह बेहद ही सकारात्मक पहल है। इस पहल में सभी लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। लोग नौ बजे से पहले से ही इसकी तैयारी में जुटे हुए थे। जैसे ही 9 बजे महानगर के घरों की लाइटें बंद हो गई। अधिकांश घरों के बाहर मिट्टी के दीये का प्रकाश किया गया। ब्लैकआउट कर सभी लोग ने अपने घरों के बीच एक-एक दीपक, मोमबत्ती या फिर मोबाइल की लाइट जलाई। इससे पहले जब रविवार को सुबह जब बाजार खुले तो दुकानों पर लोग मोमबती, दीये और टार्च खरीदने पहुंच गए। मेरठवासियों ने प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि हमारी तैयारी पूरी है। कोरोना को हर हालत में हराएंगे और देश को जिताएंगे।
यह भी पढ़ेंः Meerut: लॉकडाउन के दौरान कंट्रोल रूम में सबसे ज्यादा शिकायतें भोजन और राशन की, इतने लोगों तक पहुंची मदद रात नौ बजते ही प्रहलादनगर, सदर, थापरनगर, सेंट्रल मार्केट, गढ़ रोड, ब्रह्मपुरी, वैशाली कॉलोनी, जागृति विहार, शास्त्रीनगर, दिल्ली रोड, मलियाना, टीपीनगर, रजबन, लालकुर्ती, बेगमबाग, पांडवनगर, रोहटा रोड समेत तमाम इलाकों में रहने वाले लोगों ने अपने घरों की लाइटें बंद कर दी और दीये, मोमबत्ती और मोबाइल की टार्च जलाई। इस दौरान लोगों ने आरती भी की तो शंख और घंटी भी बजायी। इस मौके पर आतिशबाजी भी की गई।
यह भी पढ़ेंः मेरठ में पहले कोरोना मरीज की हालत बिगड़ी, अब तक संक्रमितों की संख्या हुई 25 जनपद के लोगों ने 7497 यूनिट बचाई रविवार की रात नौ बजे नौ मिनट के लिए पूरे जनपद की बंद हुई लाइट से लोगों ने 7497 यूनिट बचाई। यानी उपभोक्ताओं ने करीब 70 हजार रुपये की बिजली की बचत की। पीवीवीएनएल शहर के तीन लाख उपभोक्ताओं का हर महीने 180 मिलियन यूनिट यानी 18 करोड़ यूनिट बिजली आपूर्ति करता है। इस हिसाब से शहरी उपभोक्ता रोजाना 60 लाख यूनिट और प्रति मिनट 4166 यूनिट बिजली का उपभोग करते हैं। उपयोग में आने वाली बिजली में 20 फीसदी हिस्सा लाइट पर खर्च होता है। यानी 833 यूनिट बिजली प्रति मिनट बल्ब और ट्यूब लाइट पर खर्च होता है। इस तरह उपभोक्ताओं ने 7497 यूनिट बिजली बचाई।