
कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना उर्फ अनिल नागर को एसटीएफ ने मेरठ में मुठभेड़ में मार गिराया है। इस कार्रवाई को यूपी STF ने अजाम दिया है। दुजाना गांव से होने के कारण उसके नाम में दुजाना जुड़ा।

दुजाना 10 अप्रैल को जमानत पर बाहर आया था। एसटीएफ को जानकारी मिली थी कि वो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इस पर मेरठ में STF ने उसे घेर लिया। इस पर दुजाना ने फायरिंग टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। STF की जवाबी फायरिंग में वह मारा गया।

दुजाना की कुख्यात माफिया सुंदर भाटी और उसके गैंग से रंजिश रही है। उस पर दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 60 से अधिक आपराधिक केस दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि जब STF ने कुख्यात अनिल को मेरठ में घेरा तो इसी स्कॉर्पियों में सवार था।

अनिल दुजाना का खौफ कुछ इस कदर था कि उसे पश्चिम यूपी में छोटा शकील कहा जाता था। कहा जाता है कि जिसने भी उसके खिलाफ आवाज उठाई, दुजाना ने उसकी हत्या करवा दी। कोई भी उसके खिलाफ बोलने से भी डरता था।

साल 2012 में दुजाना और उसके गैंग ने सुंदर भाटी और उसके करीबियों पर AK-47 राइफल से हमला किया था। यही वजह थी कि पुलिस दुजाना को जब पेशी पर लेकर कोर्ट ले जाती थी तो उसे बुलेटप्रूफ जैकेट दी जाती थी।