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मथुरा। गुरुवार की सुबह तेज हवाओं के साथ हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों पर कहर बरपाने का काम किया है। इसके कारण किसानों की काफी फसल बर्बाद हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान आलू की फसल को हुआ। इसके अलावा सरसों व गेहूं की फसलें भी बर्बाद हुई हैं।
किसानों पर बड़ा प्राकृतिक कुठाराघात
बारिश व ओलावृष्टि के बाद गोवर्धन तहसील के पुरा गांव में निरीक्षण करने पहुंचे राजवीर सिंह, उपाध्यक्ष सिंचाई बंधु मथुरा ने बताया कि गुरुवार सुबह बारिश के साथ इतनी तेज ताबड़तोड़ ओले पड़े हैं कि फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। एक तरह से ये किसानों पर प्राकृतिक कुठाराघात है। उन्होंने बताया कि ओले से सरसों व गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। वहीं आलू की स्थिति तो बहुत ही भयावह हो गई है।
फसलों को 80 फीसदी नुकसान
राजवीर सिंह ने बताया कि ओलों के चलते आलू की फसल खेतों में बिस्तर की तरह बिछ गई है। डालियां और पत्ते टूटकर अलग हो गए हैं। फसलों का 80 फीसदी तक नुकसान हुआ है। ऐसे में उन्होंने जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश शासन से निवेदन किया कि ओले से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने के लिए जिलाधिकारी अपनी टीमों को भेजें, साथ ही फसल बीमा योजना का लाभ पीड़ित किसानों को दिलाने का प्रयास करें। बता दें कि वृंदावन में गुरुवार सुबह अचानक बारिश के साथ इतनी तेज ओलावृष्टि हुई कि दर्जनों गाड़ियों के शीशे टूट गए। इसके बाद सड़क किनारे खड़े वाहनों को चालकों ने जल्दी से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
Published on:
16 Jan 2020 01:42 pm
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