
मंदसौर
कलेक्टर मनोज पुष्प की अध्यक्षता में आत्मनिर्भर भारत योजना के अंतर्गत सुशासन भवन स्थित सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक आत्मनिर्भर भारत योजना अंतर्गत योजना के विस्तार के लिए देश की प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं को बहू सेवा केंद्र के रूप में अंतरित किए जाने के लिए एक मार्केटिंग समितियों से प्रस्ताव चाहे जाने एवं योजना अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता नाबार्ड के रिफाइनेंस अंतर्गत योजना में दी गई गतिविधियों के बारे में चर्चा की गई। बैठक के दौरान प्रबंधक नाबार्ड, जिला विपणन अधिकारी, एलडीएम, उद्यानिकी विभाग, कृषि विभाग, उद्योग विभाग, सहकारिता विभाग, सहकारिता बैंक, एनआरएलएम के प्रबंधक उपस्थित थे।
बैठक के दौरान कलेक्टर मनोज पुष्प ने कहा गया कि आगामी भविष्य में शामगढ़ जिले की समस्त अर्थव्यवस्था का केंद्र बिंदु होगा। शामगढ़ एक ऐसा क्षेत्र होगा जहां पर ट्रेन एवं सडक़ों की बेहतर सुविधा होगी। ट्रांसपोर्ट की बहुत ही अच्छी व्यवस्था होगी। इस क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई परियोजना से भी फलोद्यान को बहुत फायदा होगा। लहसुन में मंदसौर जिला बहुत ही अच्छा जिला है। यहां पर उत्पादन भी बहुत अच्छा होता है। उत्पादन के साथ.साथ ग्रेडिंग व पैकिंग को अच्छी बनाना है एवं इसे गुणवत्तापूर्ण बनाया जाना है। जिससे जिले की एक अलग पहचान स्थापित हो। 8 लैन स्थापित हो जाने के पश्चात जिले का राजस्व बढ़ेगा। क्षेत्र का तैयार हुआ माल मुंबई व दिल्ली के मार्केट में तुरंत 6 घंटे में पहुंच जाएगा। आत्मनिर्भर भारत के माध्यम से संस्थान के साथ.साथ संस्था के सदस्य भी आत्मनिर्भर बनेंगे। नाबार्ड से उचित सब्सिडी पर लोन भी मिल जाएगा। आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत सूक्ष्म परियोजना पर भी काम कर सकते हैं। एमपी एग्रो के माध्यम से इस तरह की व्यवस्था बनाई जा रही हैं। आत्मनिर्भर भारत के माध्यम से प्रोजेक्ट शुरू करने पर बहुत अच्छी मार्जिन मनी का भी लाभ मिलेगा। जिले में फूलों की यूनिट्स के साथ.साथ मेडिसन प्लांट की भी विशेष तौर पर तैयारी की जाए। मल्हारगढ़ क्षेत्र को इसबगोल के लिए विकसित किया जाए। खेती को लाभ का धंधा बनाना हैए ताकि किसानों को बेहतर दाम मिल सके।
Published on:
21 Aug 2020 10:02 pm
बड़ी खबरें
View Allमंदसौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
