
मैनपुरी लोकसभा सीट पर जीत का रिकार्ड बनाने वाली डिंपल यहां से पहली महिला सांसद बनी हैं। जीत के बाद वो सैफई में ही हैं। सैफई की महिलाएं लगातार उनसे मिलने पहुंच रही हैं। बुजुर्ग महिलाएं जहां उनको आशीर्वाद दे रही हैं तो लड़कियां सेल्फी ले रही हैं।

मैनपुरी लोकसभा से साल 2004 में कांग्रेस ने सुमन चौहान को लड़ाया। इस चुनाव में वह हार गईं। साल 2009 में भाजपा ने मशहूर भजन गायिका तृप्ति शाक्य को प्रत्याशी बनाया था, पर वह जमानत भी नहीं बचा सकीं। बसपा से संघमित्रा मौर्य भी मैनपुरी से लड़ चुकीं लेकिन मैनपुरी की पहली महिला सांसद डिंपल यादव बनी हैं।

डिंपल यादव की एंट्री राजनीति में साल 2009 में हुई थी। वो पहली बार 2012 में सांसद बनी थीं। अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने तो कन्नौज की सीट खाली हुई थी। कन्नौज की इस सीट पर डिंपल यादव निर्विरोध जीती थीं।

साल 2014 में डिंपल यादव ने फिर से कन्नौज से चुनाव लड़ा और जीत गईं थीं। लेकिन साल 2019 में लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब मैनपुरी चुनाव जीतने के बाद उनपर अपने ससुर मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत को संभालने की जिम्मेदारी है।