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अपनी इच्छाओं के लिए क्या अापने भी लिया है इन बाबाअों की शरण?

क्या आपको भी मिली है मनचाही लड़की और नौकरी ?

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Akansha Singh

Jul 04, 2016

baba bangali

baba bangali

लखनऊ। क्या आप भी बंगाली बाबा के परम भक्त हैं ? अगर हैं तो क्या आपको उससे लाभ हुआ, आपके मन मुताबिक परिणाम मिला ? आइये देखते हैं कौन हैं बंगाली बाबा।

आज की दुनिया में लोग एक आम इंसान, जो की थोड़ी दाढ़ी मूछें बढ़ा कर बाबा या स्वामी का रूप धारण कर लेता है को भगवान से बढ़कर दर्जा देने लगे हैं। जिसकी वजह से ये तांत्रिक को और बढ़ावा मिल रहा है।

हमने अधिकतर अख़बारों विशेष कर हिंदी अख़बारों में विभिन्न प्रकार के बाबाओं का प्रचार देखा होगा। जोकि 100% की गारंटी देकर सारे दुखों कष्टों को खत्म करने का वचन देते हैं। लेकिन क्या हमने कभी ये सोचा है कि, अगर ऐसा सच में हो जाता तो आज दुनिया में कोई भी इंसान दुखी नहीं होता। जिसे जो हासिल करना होता उसे आसानी से हासिल हो जाता। जिसे जो नौकरी चाहिए, बांग्ला चाहिए, पैसे चाहिए, सब कुछ मिल जाता। मगर ऐसा नहीं हैं। ये ढोंगी बाबा सिर्फ नाम मात्र के हैं। जो खुद अपनी जीविका के लिए ये बुरे व्यवसाय कर रहे हैं।

मेरे दिमाग में इन बाबाओं के लिए कुछ बातें चलती हैं। अगर ये बाबा दूसरों का भविष्य बदल सकते हैं या बदलने का दावा करतें हैं तो इन्होंने आज तक अपना भविष्य क्यों नहीं बदला। ये आज भी किसी मंदिर, छोटी सी दुकान खोल कर, पिंजड़े में बंद तोता लेकर सड़क पे बैठे दूसरों बताते हैं। खुद उच्च कोटि के बाबा भी हैं जिन्हें दूसरों का भविष्य बताने में खासी दिलचस्पी है। लेकिन वे आजतक अपना भविष्य नहीं बदल पाए।

बन गया है रोजी रोटी का जरिया

आज की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में हर कोई परेशान है और यही इन ढोंगी बाबा का प्लस पॉइंट है। वे जानते हैं कि, इंसान परेशान है और हम इंसान अन्धविश्वास पर विश्वास करके उनके चरणों में नतमस्तक हो जाते हैं। बस अब क्या, अब तो चढ़ेगा एक 101 रूपया और मोतीचूर के लड्डू और बाबा खुश। लेकिन क्या अपने ध्यान दिया कि, उनके बिज़नेस का शुभारम्भ भी अपने ही किया 101 रूपए और लड्डू चढ़ा के।
लैपटॉप, मोबाइल वाले बाबा

हम अक्सर टीवी में देखते हैं कि, बाबा अपना लैपटॉप खोल के बैठे रहते हैं और उनकी असिस्टेंट हम जैसे कस्टमर्स की जन्मतिथि व स्थान पूछ कर उन्हें बताती है और हमारा भविष्य। अगर हम थोड़ा डीपली सोचें तो उन्होंने भी तो कहीं न कहीं नेट या गूगल का सहारा लिया होगा। इसका मतलब ये हुआ कि, वे खुद कंफ्यूज हैं कि, मैं सही हुं या गलत।

इंद्रानगर, अलीगंज के निवासियों से पूछ ताछ कर हमने पाया कि, ये बाबा सिर्फ झूठ ही नहीं बोलते बल्कि ये आम जनता को ठगते हैं, अपनी ओर आकर्षित करने का ढोंग रचते हैं। अरे बात अभी यहीं नहीं खत्म हुई है, ये बाबा उनसे पैसे भी एंठते हैं। जैसे इतना रूपया चढ़ाओ तो ये फल मिलेगा। इसका मतलब ये हुआ कि, नौकरी इतने रूपए की हुई, शादी इतने रूपए की आदि।