
UP buses
लखनऊ. बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। निगम की बोर्ड की बैठक में प्रदेश में स्लीपर बसें चलाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। जिससे कि अब आप ट्रेन की तरह बसों में भी आराम से लेट कर सफर कर सकेंगे। वैसे अभी तक कुछ प्राइवेट बसों में स्लीपर की सुविधा थी। अभी फिलहाल पहले चरण में 240 स्लीपर बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा 250 नई एसी जनरथ बसें चलाने को मंजूर दी गई है। साथ ही दिल्ली-एनसीआर और यूपी के अन्य मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसों को चलाए जाने की योजना भी हरी झंडी दी गई है।
बस स्टेशन व बस स्टैंड के निर्माण पर लिया गया फैसला-
बोर्ड बैठक में अवध डिपो, कार्यशाला, ट्रासपोर्ट नगर आगरा स्थित आईएसबीटी बस स्टेशन की पुनर्निर्माण के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बताया गया है कि जालौन में बस स्टैंड के लिए नगर पालिका परिषद से जमीन लीज पर ली जाएगी। परिवहन निगम की जरूरत के लिए जमीन खरीद नीति का प्रस्ताव भी बोर्ड ने पारित किया है। जिससे निजी भू स्वामियों से जमीन लेने में आसानी होगी। यूपी व उत्तराखंड के बीच विचाराधीन पड़ी सम्पत्तियों और देनदारी का निर्धारण शासन के निर्देश पर किए जाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है।
कांट्रैक्ट पर रखे गए ड्राइवरों और कंडक्टरों को मिलेगी राहत-
संविदा ड्राइवर-कंडक्टरों के लिए भी बड़ी राहत की खबर है। संविदा ड्राइवर-कंडक्टरों को 14 हजार रुपए प्रतिमाह का मानदेय उत्तम श्रेणी पर देने के लिए प्रस्ताव पारित हुआ है। इसी के साथ ही अच्छा काम करने वाले ड्राइवर-कंडक्टरों के लिए कार्य दिवस की सीमा को शिथिल किया गया है। सभी संविदा ड्राइवर-कंडक्टरों को वर्दी दी जाएगी।
बस अड्डों पर महिलाओं को मिले सुविधा, इस पर भी हुई चर्चा-
बस अड्डों के महिलाओं के लिए शौचालय, पीने के पानी की सुविधा, प्रतीक्षालय की स्थिति सुधारने जैसे बातों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा महिलाओं के लिए प्रत्येक बस अड्डे पर अलग से शौचालय की सुविधा और प्रमुख बस अड्डों पर उनके लिए अलग से प्रतीक्षालय बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
Published on:
18 Jul 2018 09:55 pm
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