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UP Congress: लोकसभा में हिंदुत्व का कार्ड खेलने में कांग्रेस को अब परहेज नहीं

यूपी में कांग्रेस एकबार फिर से हिंदू चोला ओढ़ते दिखाई दे रही है। कांग्रेस पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय राय के पदभार ग्रहण समारोह में यह लगभग साफ होता दिखाई दिया कि कांग्रेस लोकसभा जीतने के लिए हिंदू कार्ड खेलने से परहेज नहीं करेगी। अजय राय के पूरे कार्यक्रम में लगातार हर हर महादेव के नारे लगते रहे, इतना ही नहीं बल्कि अजय राय का स्वागत फरसा देकर किया गया।

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अजय राय के पूरे कार्यक्रम में लगातार हर हर महादेव के नारे लगते रहे, इतना ही नहीं बल्कि अजय राय का स्वागत फरसा देकर किया गया।

UP Congress: ...मैं भगवान गणेश की आराधना करते हुए अपने कार्य का प्रारम्भ कर रहा हूँ, हम गंगा के साथ खड़े होने वाले लोग हैं, जो काशी का मिजाज है वही देश की सोच है तथा कांग्रेस की सोच और काशी की सोच एक जैसी है।मंच पर भगवान परशुराम का फरसा भेंट करने के बाद लगातार हर-हर महादेव का नारा लगता रहा। काशी में गंगा के किनारे मंत्रोच्चार के बीच यूपी प्रदेश अध्यक्ष ने पदभार ग्रहण किया। इतना ही नहीं, प्रदेश अध्यक्ष ने गणेश जी की वंदना करते हुए वेदमंत्र पढक़र अपने अध्यक्षीय संबोधन की शुरूआत किया। यह दृश्य हिंदुवादी कहे जानी वाली भारतीय जनता पार्टी का नहीं, बल्कि सेकुलर का ठप्पा लगाई कांग्रेस पार्टी के समारोह का है।

जब देश के सबसे बड़े सूबे यूपी में प्रदेश अध्यक्ष ने अपना पदभार ग्रहण किया। साफ संदेश देने की कोशिश की गई कि कांग्रेस को हिंदुत्व से कोई दिक्कत नहीं है, बल्कि कांग्रेस अब हिंदुत्व का कार्ड खुलकर खेलेगी। इसी के साथ कार्यकर्ताओं को भी संदेश देने की कोशिश की गई कि वे बचाव की मुद्रा में रहने की जगह आक्रामक होकर प्रचार करें। आत्मविश्वास के साथ जनता के बीच जाएं और भाजपा सरकार की कमियों को उजागर करें।

दिग्गज नेताओं ने की शिरकत

अजय राज की ताजपोशी के दौरान तमाम बड़े नेता मंच पर मौजूद रहे। मंच पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, सलमान खुर्शीद, पूर्व अध्यक्ष बृजलाल खबरी, आराधना मिश्र,सुप्रिया श्रीनेत समेत तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस दौरान सभी ने अपने संबोधन से कार्यकर्ताओ में जोश भरने की कोशिश की। वरिष्ठ नेता और राज्य सभा संसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि अजय राय आप कार्यकर्ता और नेता की दूरी मिटा दो, ये प्रदेश आपका हो जाएगा। साथ ही कहा कि इंडिया गठबंधन एनडीए की मौत का पैगाम है। कार्यकर्ता अजय राय के स्वागत के लिए इतने उत्साहित थे कि एक बार मंच पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई ऐसे में अजय राय को खुद सामने आकर समझना पड़ा।

अजय राय को बृजलाल खाबरी की जगह बीते दिनों उत्तर प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। लोकसभा चुनाव के पहले अजय राय को अध्यक्ष बनाने के पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं। जानकारों का कहना है कि अजय राय कांग्रेस आलाकमान की पसंद इसलिए बने क्योंकि वो लगातार वाराणसी में पीएम मोदी की खिलाफत करते रहे हैं। साथ ही राय को यूपी कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे पार्टी का पूर्वांचल पर फोकस भी नजर आ रहा है। कांग्रेस पूर्वांचल को कितनी गंभीरता से लेती है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रियंका गांधी ने जब सियासत में कदम रखा तब उनको महासचिव बनाकर पूर्वी उत्तर प्रदेश की ही जिम्मेदारी दी गई थी।

एनडीए के खिलाफ कांग्रेस की अगुआई में बने विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया के एजेंडे में भी अजय राय फिट बैठते हैं।कांग्रेस के साथ सपा और आरएलडी शामिल है। कांग्रेस का फोकस विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों को देखते हुए जातीय और सामाजिक समीकरण साधने पर भी है।

सपा के सहारे पार्टी की नजर ओबीसी वोट पर है तो वहीं जयंत चौधरी की पार्टी आरएलडी के सहारे पश्चिमी यूपी में जाट वोट मिलने की उम्मीद है। ऐसे में कांग्रेस अजय राय के सहारे अपना परंपरागत वोट बैंक रहे सवर्णों को फिर से साथ लाने की कोशिश में है। अजय राय भूमिहार बिरादरी से आते हैं यूपी में भूमिहार वर्ग की पकड़ ब्राह्मण और राजपूत दोनों वोट बैंक के बीच दिखती है। अपनी इस सामाजिक पकड़ का फायदा उठाकर अजय राय भाजपा के परंपरागत वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश कर सकते हैं।

अजय राय एक जमीनी नेता माने जाते हैं। उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने से पूर्वांचल में कांग्रेस अपनी पकड़ और मजबूत बनाएगी। राय का प्रभाव न सिर्फ वाराणसी बल्कि समूचे पूर्वांचल और बिहार की यूपी से लगी सीमाओं में भी अच्छा खासा माना जाता है। सियासी जानकारों की माने तो कांग्रेस इस समय उत्तर प्रदेश में जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की कमी से जूझ रही है खासकर पूर्वांचल में ऐसे में अजय राय की ताजपोशी पार्टी के लिए संजीवनी का काम कर सकती है। पूर्वांचल में अजय राय को हटा दें तो कांग्रेस के पास कोई ऐसा नेता नहीं है जो अपने बल-बूते बड़ी संख्या में लोगों को जुटा पाए. अजय राय के पास कार्यकर्ताओं की अच्छी तादाद है।