दफ़न हो गईं सिंगल स्क्रीन वाले नॉवेल्टी से जुड़ी ‘सुनहरी यादें’!

पहला मौका नहीं है कि शहर में सिनेमाघर बंद हो रहा है। कुछ महीने पहले निशातगंज स्थित उमराव सिनेमा हॉल भी बंद हो चुका है। वहां रेनोवेशन का काम चल रहा है और कुछ महीने में वहां मल्टीप्लैक्स तैयार हो जाएगा।

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Sep 19, 2015
Novelty Cinema
प्रशांत श्रीवास्तव
लखनऊ। इस दीवाली आपको लालबाग स्थित नावेल्टी सिनेमा घर के बाहर भीड़ नहीं दिखेगी और न ही क्रिसमस के मौके पर यह गुलजार दिखेगा, क्योंकि 80 साल पुराना यह सिनेमा हॉल शनिवार से छह महीने के लिए बंद कर दिया गया है। हॉल में गुरुवार को रोज की तरह ही नाइट शो चला जिसकी आखिरी फिल्म सूरज पंचोली, आथिया शेट्टी स्टारर फिल्म 'हीरो' थी। सिनेमा हॉल को मरम्मत के लिए अगले छह महीने तक बंद रखा जाएगा।

नावेल्टी सिनेमा की शुरुआत 1946 में हुई थी। फिल्म 'अनमोल घड़ी' वहां पर लगी पहली फिल्म थी। अस्सी के दशक से इसकी गिनती शहर के फेमस सिनेमाघरों में होने लगी। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिंगल स्क्रीन होने के बावजूद यहां मल्टीप्लेक्स से ज्यादा भीड़ होती है। 1980 में इसका रेनोवेशन हुआ था। उस दौरान इसमें प्रोजेक्शन से लेकर साउंड सिस्टम, जैसी फेसिलिटीज दी गई थीं। इसमें लगभग नौ महीने लग गए थे। इस बार भी कुछ वैसा ही हो रहा है।

रिनोवेशन के दौरान इसमें नई टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाएगा, जिससे स्क्रीन पर पिक्चर क्वॉलिटी और साउंड सिस्टम पहले से बेहतर हो जाए और दर्शकों को मल्टीप्लेक्स जैसा आनंद मिले। सिनेमा हॉल के मैनेजर राजेश टंडन के मुताबिक, हॉल में रेनोवेशन की जरूरत थी इस वजह से इसे बंद करना पड़ा। हमारी कोशिश रहेगी की अगले पांच-छह महीने तक इसे दोबारा से शुरू किया जा सके।

गौरतलब है कि प्रदेश के 850 सिंगल स्क्रीन थियेटर्स में से 550 थियेटर्स बंद हो चुके हैं या फिर रेनोवेशन के दौर से गुजर रहे हैं। मल्टीप्लैक्सेज को टक्कर देने के लिए रेनोवेशन जरूरी है।

'आखिरी रास्ता' ने बिग बी को दिखाया नॉवेल्टी का रास्ता
नॉवेल्टी सिनेमा हॉल के मैनेजर राजेश टंडन के मुताबिक, सत्तर और अस्सी के दशक में अमिताभ बच्चन की फिल्में देखने के लिए दर्शकों की लंबी लाइन लगती थी। नॉवेल्टी उनकी 'कालिया', 'शराबी, 'गिरफ्तार', 'मर्द' और 'आखिरी रास्ता' जैसी कई मूवी लगीं और हिट भी रहीं। यही नहीं, आखिरी रास्ता मूवी का प्रमोशन करने के लिए खुद अमिताभ बच्चन इस सिनेमा हाल में आए थे।

पहले भी बंद हुए हैं सिनेमाघर
यह पहला मौका नहीं है कि शहर में सिनेमाघर बंद हो रहा है। कुछ महीने पहले निशातगंज स्थित उमराव सिनेमा हॉल भी बंद हो चुका है। वहां रेनोवेशन का काम चल रहा है और कुछ महीने में वहां मल्टीप्लैक्स तैयार हो जाएगा। इसके अलावा अमीनाबाद स्थित आनंद सिनेमा हॉल भी रेनोवेशन के कारण बंद हुआ था।
Published on:
19 Sept 2015 02:59 pm
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