14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोरखपुर की छात्राओं ने बनाया ऑटोमैटिक फायरिंग हेलमेट, सिर पर ओढ़े-ओढ़े चल जाती है गोली

इस अनोखे हलमेट को ITM गीडा की छात्राओं ने मिलकर तैयार किया है। यह हेलमेट सुरक्षा के लिहाज से कई सुविधाओं से लैस है।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Nazia Naaz

Dec 04, 2022

फायरिंग हेलमेट का डेमो कई कंपनियां और सुरक्षा एजेंसियों को भेजा गया है

गोरखपुर आईटीएम गीडा छात्राओं ने एक ऑटोमेटिक फायरिंग हेलमेट बनाया है। यह हेलमेट आर्मी के जवान और देश के अंदर काम कर रही पुलिस के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। ये हेलमेट लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए सेना में फंसे जवानों का पता भी लगा सकेगा। जरूरत पड़ने पर यह 360 डिग्री तक घूमकर फायर भी कर सकता है।

कंपनियों को भेजा गया है डेमो

फायरिंग हेलमेट का डेमो कई कंपनियां और सुरक्षा एजेंसियों को भेजा गया है। इसकी डिमांड आई तो फिर इसे बड़े पैमाने पर तैयार किया जाएगा।

हेलमेट में लोड हो सकती हैं चार गोलियां

आईटीएम गीडा की छात्राओं ने इस हेलमेट को बनाने के लिए कई तरह के नए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। एक हेलमेट बनाने के लिए 1 बैरल, एक ट्रांसमीटर, एक रिसीवर बुलेट, एक एचडी पोर्टेबल डीवीआर, बैटरी, एक सौर पैनल, एक रिमोट, एक ट्रिगर का इस्तेमाल हुआ है इलेक्ट्रॉनिक गन बनाने के लिए सबसे पहले बैरल को गन में बदला गया। इसमें एक बार में चार गोलियां लोड हो सकती हैं। हेलमेट पर ट्रिगर का इस्तेमाल करके इसे फायर भी किया जा सकता है।

हेलमेट में ऑटोमैटिक फायर भी लगा है

ऑटोमेटिक फायर हेलमेट पूरी तरीके से हाईटेक है। इसे चारों दिशाओं में गोलियां चला सकते हैं। साथ ही इसमें ऑटोमेटिक फायर भी कर सकते हैं। इस हेलमेट के जरिए आपके आसपास के फुटेज भी रिकॉर्ड कर सकते हैं। यह रिकॉर्डिंग सीधे आपके कंट्रोल रूम में जाएगी। इससे आगे के खतरे को भांपा जा सकता है। हेलमेट लगाने वाले सैनिकों को इससे सही दिशा बताने और नेविगेशन में मदद मिल सकती है।

बीटेक स्टूडेंट्स की 6 छात्राओं ने मिलकर बनाया हेलमेट

आईटीएम गिडा की बीटेक की 6 छात्राओं ने इस प्रोजेक्ट को ग्रुप असाइनमेंट के तौर पर तैयार किया है। इस ऑटोमेटिक फायरिंग हेलमेट को बनाने में 6 से 7 हजार का खर्च आया। लड़कियों का कहना है कि अगर हमें सरकार की तरफ से मदद मिली तो इसे हम बड़े पैमाने पर तैयार करेंगे। देश के रक्षा कर रहे जवानों की सुरक्षा के लिए इसे इस्तेमाल किया जा सकता है।

एक को बनाने में 6 से 7 हजार रुपए का खर्च आया है। ये हेलमेट 30 नवंबर को लॉन्च हो चुका है।