देवों के देव महादेव जो जग के
पालनकर्ता हैं जब किसी व्यक्ति पर मुशीबत आती है जब उसका कोई काम बिगड़ने
लगता हैं तब ही वह व्यक्ति ईश्वर की शरण में आता हैं उससे पहले उसको ईश्वर
क्या है उसकी उपासना से कोई मतलब नहीं हैं । पंडित शक्ति मिश्रा कहते हैकि
जब भी हमें कोई भी मुशीबत या अनहोनी सताती हैं तब ही व्यक्ति ईश्वर को याद
करता है यह गलत से ईश्वर कुछ नहीं माँगता क्या हम इंसान उनको दिन भर में
याद कर सकते कही पर भी बैठे हो ,कोई भी काम कर रहे हो , बस एक बार उनका नाम
ले ले । हम आप को शनि देव के बारे में बता रहे हैं शनि देव को बहुत लोग
बुरा बोलते है यानि कि उनको गुस्सा बहुत आता हैं वो किसी की पीड़ा सुनने
वाले नहीं हैं । लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं शनि देव सिर्फ़ इंसान के कर्मो को
देख कर ही फल देते हैं । उनको खुश करने के लिए यह उपाय करें ,जिससे शनि खुश
हो जायेगे ।
>शनिवार के दिन तेल मर्दन (मालिश) करने से सुख की प्राप्ति होती है।
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शनिवार के दिन क्षौरकर्म (बाल - दाढी काटने या कटवाने ) से आयु 'ब्रह्म
पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार
को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य
सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल
उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।'
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शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः
शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का हर शनिवार
को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का
निवारण होता है ।