
White pumpkin juice disadvantages
Pumpkin Juice Side Effects: आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल की चाह में लोग नेचुरल ड्रिंक्स और जूस को अपने डेली रूटीन में शामिल कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है पेठे का जूस, जिसे अंग्रेजी में ऐश गॉर्ड (Ash Gourd) जूस कहा जाता है। आयुर्वेद में भी पेठे को पाचन और डिटॉक्स के लिए लाभकारी माना गया है।हालांकि, हर चीज की तरह पेठे के जूस के भी कुछ साइड इफेक्ट्स होते हैं, जो हर किसी के शरीर को सूट नहीं करते। आइए जानते हैं पेठे के जूस के संभावित नुकसान, जिन्हें नजरअंदाज करना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है।
पेठे के जूस में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो आमतौर पर पाचन के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन कुछ लोगों में यह गैस, पेट फूलना और दस्त जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। खासकर अगर आपका डाइजेस्टिव सिस्टम पहले से कमजोर है तो पेठे का जूस आपकी परेशानी बढ़ा सकता है।
कुछ लोगों को पेठे या उससे बने प्रोडक्ट्स से एलर्जी हो सकती है। इसके लक्षणों में त्वचा पर खुजली, चकत्ते, सूजन, और यहां तक कि सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। अगर आपने पहले कभी पेठा नहीं खाया या इसका जूस नहीं पिया, तो पहले थोड़ा मात्रा में सेवन करें और शरीर की प्रतिक्रिया देखें।
पेठे का जूस ब्लड शुगर के स्तर को कम करने की क्षमता रखता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। यदि आप पहले से ही शुगर कम करने की दवाएं ले रहे हैं, तो पेठे का जूस ब्लड शुगर को बहुत कम कर सकता है, जिससे हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है।
पेठे में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है। सामान्य स्थिति में यह शरीर के लिए अच्छा होता है, लेकिन यदि आपकी किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है, तो शरीर में पोटैशियम का स्तर बढ़ सकता है, जिससे हार्ट रेट अनियमित (Irregular) होना, मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं।
अगर आप पहले से कोई दवाइयां ले रहे हैं चाहे वो डायबिटीज, हाइपरटेंशन या कोई दूसरी बीमारी की हों तो पेठे का जूस उन दवाओं के असर को बढ़ा या कम कर सकता है। इससे दवा का असर कम हो सकता है या साइड इफेक्ट्स बढ़ सकते हैं।
सलाह: किसी भी दवा के साथ पेठे का जूस लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
18 Apr 2025 09:55 am
Published on:
18 Apr 2025 09:46 am
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