यह बाइक फिंगर प्रिंट से आॅन और आॅफ होती है। बटन को जैसे ही अंगुली से रखते है तो बाइक चालू हो जाती है और जब बाइक बंद करना हो तो भी उसे बटन का अंगुली रखनी पड़ती हैं। इस बाइक में एक छोटा कंप्यूटर भी लगाया गया है, जो इस बाइक की पूरी कंट्रोलिंग करता है। इस बाइक में दिलीप ने हर चीज पर सेंसर लगाए है जो गाड़ी में किसी तरह की दिक्कत होने पर मोबाइल में मैसेजिंग अलर्टनेस में नजर आ जाते है। इस बाइक में लगी हैडलाइट भी आॅटोमैटिक है जो रात होते ही अपने आप जलने लग जाती है।