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किसी का अहित ना हो वही मार्ग परमात्मा का

कोटा. कबीर पारख संस्थान व संत कबीर आश्रम सेवा ट्रस्ट कोटा के तत्वाधान में दो दिवसीय कबीर जयंती समारोह शनिवार से धरणी धर जन सेवा संस्थान विनोबा भावे नगर में प्रारंभ हुआ। जिसमें संतों ने संत कबीर के जीवन के बारे में बताया। आश्रम के संत प्रभाकर ने कहा इंसानियत ही सच्चा धर्म । जिस मार्ग पर चलकर किसी का अहित ना हो वही मार्ग परमात्मा तक पहुंचाता है।

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कोटा

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Hemant Sharma

Jun 03, 2023

कोटा. कबीर पारख संस्थान व संत कबीर आश्रम सेवा ट्रस्ट कोटा के तत्वाधान में दो दिवसीय कबीर जयंती समारोह शनिवार से धरणी धर जन सेवा संस्थान विनोबा भावे नगर में प्रारंभ हुआ। जिसमें संतों ने संत कबीर के जीवन के बारे में बताया। आश्रम के संत प्रभाकर ने कहा इंसानियत ही सच्चा धर्म । जिस मार्ग पर चलकर किसी का अहित ना हो वही मार्ग परमात्मा तक पहुंचाता है।

उन्होंने कहा कि कबीर साहेब ने चित्र से बढकर चरित्र व नकली से हटकर असली को महत्व दिया। जिस दिन समाज में नकली से मोहभंग होगा उस दिन देश तरक्की के शिखर पर होगा। उन्होंने कहा कि सत्य धर्म के लिए की रक्षा के लिए जो आगे आता है वही कबीर है। कबीर साहेब ने पाखंड, मिथ्या आडंबर व कुरितियों से मुक्त समाज की आधारशिला रखी। निवाई के संत उचित साहेब ने कहा कि प्रेम में इतनी नजदीकी होती है कि वहां धीरे से कही बात भी सुन ली जाती है। क्रोध में इतनी दूरी बढ जाती है कि चिल्लाकर बोलने पर भी कोई नहीं सुनता। लखनऊ से आई साध्वी विशाखा ने कहा कि जीवन को समझने के लिए कबीर का जीवन दर्शन उपयोगी है। संत गुरुबोध दास ने ‘संतो के सम्राट सद्गुरु बंदी छोड़’ गीत के माध्यम से प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में संत सुबोध साहेब, पारख साहेब , राम साहेब समेत अन्य ने विचार व्यक्त किए। समारोह के मुख्य अतिथि विधायक मदन दिलावर ने कबीरकी शिक्षाओं को विज्ञान की कसोटी पर खरा बताया।

*इससे पहले कबीर साहित्य से युग चेतना विषय पर साहित्यकार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कबीर साहित्य की वर्तमान युग में प्रासंगिकता पर विचार व्यक्त किए। डा. ऊषा झा ने पत्र वाचन किया। मुख्य अतिथि खादी ग्रामोद्योग के उपाध्यक्ष पंकज मेहता रहे। तथा अध्यक्षता केन्द्रीय साहित्य अकादमी के सदस्य चंदालाल चकवाला ने की। सी. एल. सांखला को कबीर रत्न सम्मान से नवाजा गया। संचालन गोरस प्रचण्ड ने किया। ट्रस्ट के अध्यक्ष डा. राकेश अग्रवाल ने बताया कि आज सुबह 5 से 7 ध्यान योग, 7 बजे ध्वजारोहण व 8 से 12 बजे भजन प्रवचन व गुरुपूजन के कार्यक्रम होंगे।