कोटा. नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में देश के कई हिस्सों में हुए विरोध प्रदर्शन के बीच मंगलवार को शिक्षा नगरी कोटा में भी हजारों की तादाद में मुस्लिम समाज सड़कों पर उतर आया। शहरकाजी अनवार अहमद के सान्निध्य में युवाओं ने मौन जुलूस निकाला। जुलूस में विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग भी शामिल हुए। शहर के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में युवाओं की भीड़ मल्टीपरपज स्कूल की ओर बढऩे लग गई थी। सुबह दस बजे स्कूल परिसर में बड़ी तादाद में मुस्लिम समाज के लोग एकत्रित हुए। यहां सभा आयोजित हुई।
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सभा को संबोधित करते हुए शहर काजी अनवार अहमद ने कहा कि हिन्दुस्तान में रहने वाले तमाम लोग आज एक साथ आवाज दें कि हम संविधान का बंटवारा नहीं होने देंगे। हम संविधान की हिफाजत करेंगे। इसके बाद वक्ताओं ने कहा कि बाबा अम्बेडकर ने देश को ऐसा संविधान दिया है, जो यहां रहने वाले सभी लोगों को एक समान अधिकार देता है। यह देश किसी सम्प्रदाय व जाति का नहीं है बल्कि यह देश में रहने वाले सभी भारतीयों का है। यह काला कानून जो लाएं हैं उसके खिलाफ जनता सड़कों पर है उस सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि यह उनके खिलाफ आंदोलन की शुरूआत है। यह हमारे संविधान की ताकत ही है जो सौ करोड़ से अधिक भारतीयों को एक साथ भाईचारे से रहते हैं।
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5 किमी लंबा रहा जुलूस
शहर में एनआरसी व सीएए के खिलाफ निकाला गया जुलूस में मुस्लिम समाज का जनसैलाब उमड़ा पड़ा। जुलूस में हजारों की तादाद में शामिल युवा हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लिए हुए चल रहे थे। जुलूस सुबह 11 बजे मल्टीपरपज स्कूल से रवाना हुआ जो गुमानपुरा, कैनाल रोड, गीता भवन, जयपुर गोल्डन रोड, नयापुरा होते हुए कलक्ट्री पहुंचा। जहां शहर काजी अनवार अहमद की अगुवाई में समाज का प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। जुलूस में लोगों की तादात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जुलूस का एक सिरा न्यू क्लॉथ मार्केट में था और दूसरा सिरा स्कूल के बाहर। जिला कलक्ट्रेट पर पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है।
पुलिस ने ली राहत की सांस
जुलूस सम्पन्न होने के साथ ही पुलिस ने भी राहत की सांस ली। इतनी तादाद में उमड़ी भीड़ देखकर एक बार तो पुलिस की सांसें फूल गई थीं, लेकिन आयोजकों की ओर से व्यवस्था संभालने के बाद पुलिस की परेशानी थोड़ी कम हुई।