
drug vendors strike in kota
देशभर के मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ कोटा केमिस्ट एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के ऑनलाइन फार्मेसी खोलने और पोर्टल सिस्टम लागू करने के विरोध में मंगलवार को हड़ताल की। इसमें पूरे जिले के 14 सौ केमिस्ट शामिल हुए, जिससे करीब 60 लाख रुपए की थोक व रिटेल दवा ब्रिकी प्रभावित हुई। जिसके चलते मरीज व परिजन दवा लेने के लिए भटकते रहे।
एसोसिएशन अध्यक्ष क्रांति जैन और सचिव अभिमन्यू जैन के नेतृत्व में केमिस्ट और स्टॉकिस्ट विज्ञाननगर एकत्र हुए और पूरे शहर में रैली निकाल बंद का आह्रान किया। जैन ने ऑनलाइन फार्मेसी और ई-पोर्टल को अव्यवहारिक बताया। साथ ही कहा कि कोटा में दवाओं के मार्केट की 80 लाख रुपए रोजाना की ब्रिकी है। इस अनुमान से निजी अस्पतालों के इनडोर मरीज और उपभोक्ता की बिक्री को छोड़ 60 लाख रुपए की बिक्री प्रभावित हुई है।
चोरी-छिपे बेचते रहे दवा
निजी अस्पतालों को केमिस्ट एेसोसिएशन ने इनडोर व इमरजेंसी के मरीजों को दवा देने की छूट दी थी, लेकिन एसोसिएशन के विरोध के बाद भी आउटडोर मरीजों को दवा दी। कई अस्पतालों में पिछले दरवाजे से मरीजों को दवा देने का काम धड़ल्ले से जारी था। सूचना पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई और ओपीडी के मरीजों को दवा देना बंद करवाया।
फार्मासिस्टों ने जताया विरोध
फार्मा यूथ वेलफेयर संस्थान ने इस हड़ताल का विरोध किया है। जिलाध्यक्ष हर्षित गौतम ने बताया कि केमिस्ट एसोसिएशन की मांगों में रिटेल शॉप पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता समाप्त करवाना शामिल हैं। जो ड्रग एंड केमिस्ट एक्ट के साथ खिलवाड़ है।
Published on:
30 May 2017 08:44 pm
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
