
इराक में फंसे भारतीयों की होगी सकुशल वापसी
बूंदी. iraq इराक में नौकरी के लिए गए नैनवां क्षेत्र के लोग फंस गए। उन्होंने video call वीडियो कॉल के जरिए परिवारजनों को अपनी पीड़ा बताई। पीडि़तों की संख्या 6 बताई। इस मामले में loksabha president om birla लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के हस्तक्षेप के बाद सभी का भारत आने का रास्ता साफ हो गया। उन्होंने इराक में भारतीय एम्बेसेडर बीरेन्द्र सिंह यादव से बात की। उन्होंने पूरे मामले का ब्योरा रखकर सभी को जल्द भारत भिजवाने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्हें बताया गया कि सभी भारतीयों का कम्पनी से लेनदेन पूरा होते वतन वापसी हो जाएगी।
परिजनों ने बूंदी जिला कलक्टर को सौंपे पत्र में बताया कि गाजियाबाद दिल्ली के एजेंट तनवीर ने 7 माह पहले वीजा और पासपोर्ट बनवाकर नौकरी के लिए इराक भिजवाया था। उसी ने इराक में नजफ शहर में काम पर रखवाया, लेकिन कम्पनी ने 4-5 माह बाद भी इन्हें कोई मेहनताना नहीं दिया। वेतन मांगा तो कम्पनी ने मैस से खाना-पीना भी बंद करवा दिया। कम्पनी के कर्मचारियों ने भारतीयों श्रमिकों को यातना दी। कई बार उनके सामने हवा में फायर किए बताए।
फोन नहीं लग रहा
परिजन ने बताया कि दो दिन पहले वीडियो कॉल से इराक में फंसे परिजन से बात हुई थी। अब उस नम्बर पर फोन नहीं लग रहा। उसे बंधक बना लेने की आशंका से परिजन घबराए हुए हैं। इराक में 6 जनों के नाम सामने आने के बाद अन्य लोगों ने भी अपने रिश्तेदारों के इराक में होने की बात कही। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका कि कितने जने इराक में फंस गए।
इनका बनाया था पासपोर्ट
नैनवां टोडापोल निवासी विनोद बैरवा, धानुगांव निवासी बाबूलाल, महेन्द्र बैरवा व विनोद, कनवाड़ा निवासी लक्ष्मण बैरवा, हीरापुर निवासी सुरेश के पासपोर्ट passport व वीजा visa तनवीर ने बनाए थे, जो वहां फंस गए। शेष 32 जनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। ये भी राजस्थान के अलग-अलग जिलों के बताए गए हैं।
पूर्वमंत्री आए आगे
पूर्व मंत्री हरिमोहन शर्मा ने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष और विदेश मंत्री को पत्र लिखा। उन्होंने नैनवां पंचायत समिति के फंसे सभी 6 जनों की भारत वापसी कराने की मांग रखी।
Published on:
06 Feb 2020 07:49 pm
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