
राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच वर्चुअल बैठक में तय होगा चम्बल जल बंटवारा
कोटा. मानसून की विदाई के साथ ही राजस्थान और मध्यप्रदेश के जल संसाधन विभाग के अधिकारी चम्बल नदी के चारों बांधों में उपलब्ध पानी का आकलन करेंगे। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार दोनों राज्यों के अधिकारियों की बैठक वर्चुअल होगी। जल बंटवारा तय करने के लिए मध्यप्रदेश-राजस्थान अंतरराज्यीय टेक्नीकल कमेटी की बैठक 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसमें गांधी सागर, राणा प्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध और कोटा बैराज के उपलब्ध पानी का आकलन किया जाएगा। उपलब्ध पानी के आधार पर सिंचाई के लिए कितना पानी दिया जाएगा, पेयजल के लिए कितना पानी आरक्षित किया जाएगा और राजस्थान के उद्योगों को कितना पानी दिया जाएगा। इसका निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद रबी की सीजन के लिए नहरों में जल प्रवाह पर दोनों राज्यों के अधिकारी बात रखेंगे।बैठक में राजस्थान का प्रतिनिधित्व जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता राजीव चौधरी करेंगे। इसके अलावा आरपीएस डैम वृत्त के अधीक्षण अभियंता एजाजुद्दीन अंसारी, सीएडी के दोनों नहरों के अधीक्षण अभियंता मौजूद रहेंगे। इतने ही अधिकारी मध्यप्रदेश के मौजूद रहेंगे। बैठक का समन्वय टेक्नीकल कमेटी के सचिव जितेन्द्र लुहाडिय़ा करेंगे। सचिव ने दोनों राज्यों के अधिकरियों को बैठक की अधिकारिक सूचना भेज दी है। पिछले साल मध्यप्रदेश की शिकायत थी कि मांग के वक्त उनके हिस्से का पानी नहीं दिया गया। यह मामला भी इस बैठक में उठेगा। साथ ही दाईं मुख्य नहर के मरम्मत के बजट पर भी चर्चा होगी। जल समझौते के मुताबिक दाईं मुख्य नहर की मरम्मत पर 75 प्रतिशत राशि मध्यप्रदेश तथा 25 प्रतिशत राशि राजस्थान वहन करता है। पिछले दिनों सीएडी के क्षेत्रीय विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। चारों बांधों की मरम्मत व सेफ्टी ऑडिट पर भी बात होगी।
Published on:
04 Oct 2020 06:01 pm
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