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Heavy Rain Live Update : कोटा-बारां में बाढ़ के हालात, अजमेर से SDRF बुलाई

-कोटा के इटावा-सुल्तानपुर में 50 से अधिक गांवों का सम्पर्क कटा, बारां में 100 से अधिक गांव बने टापू, एसडीआरएफ टीमों ने संभाला मोर्चा, अजमेर से एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें बुलाई -आपदा व रेस्क्यू टीमें तैनात, आला अफसरों ने संभाला मोर्चा-शाहाबाद में 10 इंच बरसात, सौ से अधिक गांव बने टापू, इटावा में चम्बल, पार्वती व सुल्तानपुर की कालीसिंध खतरे के निशान पर-इटावा 20 हजार हैक्टेयर से अधिक खेत जलमग्न-छह दर्जन से अधिक गांव बने टापू, सैकड़ों कच्चे मकान ढहे

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Heavy Rain Live Update :  कोटा-बारां में बाढ़ के हालात, अजमेर से SDRF बुलाई

Heavy Rain Live Update : कोटा-बारां में बाढ़ के हालात, अजमेर से SDRF बुलाई

कोटा.

हाड़ौती में पिछले करीब एक सप्ताह से सक्रिय मानसून से अब हालात बिगडऩे लगे है। बारां जिले में सौ से अधिक गांव टापू बन गए। बारां के शाहबाद में 10 इंच बारिश हुई है। कोटा में बीते 24 घंटे में 4 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। जिले के इटावा व सुल्तानपुर उपखंड में बाढ़ के हालात बन गए हैं। छह दर्जन से अधिक गांव टापू बने हुए हैं। सैकड़ों कच्चे मकान ढह गए हैं। इटावा में चम्बल, पार्वती व सुल्तानपुर में कालीसिंध खतरे के निशान पर बह रही है। इटावा व सुल्तानपुर उपखण्ड में एसडीआरएफ ने कमान संभाल ली है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है। उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है। अयाना क्षेत्र के अयानी में 800 बीघा का तालाब पर पांच फीट की चादर चल गई है। यह तालाब कोटा जिले का सबसे बड़ा तालाब है। नदी-नालों में उफान के चलते चार दिन से रेलगांव, सीमलिया, भांडाहेड़ा के तीनों मार्ग बंद हैं।


बरधा बांध पर चली चादर, कई मार्ग अवरुद्ध-

बूंदी जिले में झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। तेज बारिश होने से नदी-नाले उफ ने रहे। जिससे कई मार्ग अवरुद्ध हो गए। मकानों में सीलन आने से कई कच्चे व पक्के मकान धराशायी हो गए। बरधा बांध, भैरू बांध, इन्द्राणी बांध पर चादर चलना शुरू हो गई है।

Kota City : बोरखेड़ा देवली अरब रोड में कौटिल्य नगर, बालाजी आवास में नावें चली

-शहर के देवली अरब इलाके की कई कॉलोनियां जलमग्न

-निगम की टीमें घरों में फंसे लोगों को निकालने के लिए शुरू किया गया रेस्क्यू ऑपरेशन

-नावों की मदद से पानी में फंसे लोगों को निकाला जा रहा घरों से

-करीब 50 कर्मचारी जुटे कार्य में, बारिश डाल रही खलल

कहां कितना बरसा (मिमी में )

- कोटा 108.3

- बूंदी 79
-तालेड़ा में 61

- केशवरायपाटन में 118
- इन्द्रगढ़ में 177

- नैनवां में 158
- हिण्डोली में 99
- शाहाबाद 255 मिमी,

- अन्ता में 74 मिमी,
- बारां में 124 मिमी

- मांगरोल में 172 मिमी
- छबड़ा में 140 मिमी

- किशनगंज में 175 मिमी
- छीपाबड़ौद में 81 मिमी

- अटरू में 166 मिमी

कोटा जिले में अब तक खातौली में सर्वाधिक बारिश

कोटा जिले में इस सीजन में अब तक कुल 5357 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मंगलवार शाम पांच बजे तक खातौली में सबसे ज्यादा 973 एमएम बारिश दर्ज की गई है।


अब तक कहां कितनी बारिश

लाडपुरा 540
दीगोद 582
पीपल्दा 903
सांगोद 690
रामगंजमंडी 365
मंडाना 376
कनवास 488
चेचट 440
खातौली 973
कुल 5357

कालीसिंध बांध के तीन गेट खोले-

झालावाड़. जिलेभर में मंगलवार को भी बारिश की झड़ी लगी रही। शाम को कालीसिंध बांध के तीन गेट खोलकर 28 हजार क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। छापी नदी भी उफान पर आ गई है। चंवली बांध भी लबालब हो गया है। भीमसागर बांध में एक ही दिन में 9 फ ीट पानी की आवक हुई। जिले में 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश 80 एमएम खानपुर में दर्ज की गई। वहीं सबसे कम 16 एमएम गंगधार में दर्ज की गई। शहर के निकट लोठ्या झर में झरना बह निकला।

बारां में जिले में बाढ़ से बेबस हुआ जनजीवन
-बारां, शाहाबाद व किशनगंज उपखंडों में बाढ़ से जनजीवन पर असर
-शाहाबाद में 33 घंटों में 16.5, अटरू में 14 व किशनगंज में 11 इंच बारिश
-राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर चली चादर, घंटों तक थमे रहे वाहनों के चक्के
-जिला प्रशासन का दावा 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया
-एसडीआरएफ की ३ व एनडीआरएफ की १ टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जुटी
बारां. शहर समेत जिले में मंगलवार को दिनभर हुई बारिश से बाढ़ के हालात बने रहे। सैकड़ों गांव टापू बन गए तथा इन गांवों के हजारों बाशिंदें नजदीक के सुरक्षित स्थलों पर शरण लेने को मजबूर हो गए। जिन्हें खाना तो दूर पीने के पानी के प्रबंध के लिए भी खासी मशक्कत करनी पड़ी। बारां शहर के कई क्षेत्रों व प्रमुख बाजारों में घंटों तक पानी का बहाव रहा। सैकड़ों दुकानों व घरों में बरसाती पानी घुसने से करोड़ों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। कई लोगों ने शहर के मुख्य बाजार में वाटर बोट (नाव), जेसीबी मशीन व ट्रैक्टरों से बाढ़ के नजारे देखे। इन वाहनों के फर्राटों ने व्यापारियों की परेशानी को और बढ़ा दिया, वाहनों के साथ उठी लहरों से दुकानों व मकनों में सुरक्षित स्थनों पर रखे सामान खराब हो गए।

जिले में बाढ़ के हालात हैं। जिला प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीमों की मदद से पांच सौ से अधिक लोगों को बाढ़ से बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। जिले के शाहाबाद व किशनगंज उपखंड में एसडीआरएफ की तीन व एनडीआरएफ की एक टीम गांवों में फंसे लोगों को सुरक्षित लाने में जुटी है। अब रात होने से इस कार्य में मुश्किल हो रहे है। जिले के सभी उपखंड अधिकारियों को बेघर लोगों के खाने, पीने च ठहरने के प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।
-राजेन्द्र विजय, जिला कलक्टर बारां

इंद्रगढ़ में 7 इंच बारिश, नदी-नाले उफने
- बूंदी जिले में हो रही झमाझम बारिश

बूंदी. जिले में मंगलवार को चौथे दिन भी झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। तेज बारिश होने से नदी-नाले उफने रहे, मार्ग अवरुद्ध हो गए। मकानों में सीलन आने से कई कच्चे व पक्के धराशायी हो गए। बांधों में पानी की अच्छी आवक होने के साथ ही चादर चलना शुरू हो गई। बरधा बांध, भैरू बांध, इन्द्राणी बांध पर चादर शुरू हो गई।

बाइक सहित तीन जने बहे, दो को बचाया, एक नहीं मिला-
लाखेरी कस्बे में मंगलवार को मांडू का बालाजी के समीप खाळ को पार करते हुए तीन युवक बह गए। 2 को तो सुरक्षित निकाल लिया, जबकि एक का पता नहीं लग सका। यहां गांधीपुरा निवासी 30 वर्षीय दीपू सैनी, 25 वर्षीय कालू उर्फ भगवानदास एवं 50 वर्षीय घनश्याम मीणा दोपहर को बाइक सहित खाळ को पार करना चाह रहे थे। बहाव तेज होने से तीनों बह गए। दीपू व कालू को तो निकाल लिया गया, जबकि घनश्याम का पता नहीं चला। उसकी तलाशी में पुलिस व ग्रामीण जुटे रहे।