
शहर के सबसे व्यस्त एरोड्राम सर्किल पर यातायात का भारी दबाव बढ़ जाने से जाम के हालात आम हो गए हैं। यातायात पुलिस ने इसे नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी शुरू की, लेकिन राहत नहीं मिली। हालात अनियंत्रित नहीं हो, इसलिए जनप्रतिनिधि और अधिकारी समाधान खोजने में जुट गए हैं।
न्यास ने कई बार योजना बनाई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। एेसे में बुधवार को सांसद ओम बिरला, विधायक संदीप शर्मा एवं नगर विकास न्यास के अध्यक्ष रामकुमार मेहता ने तकनीकी अधिकारियों के साथ एरोड्राम सर्किल का जायजा लिया।
यूनिपोल-होर्डिंग पीछे शिफ्ट करें
जनप्रतिनिधियों ने चौराहे का निरीक्षण कर चारों तरफ लगे हुए प्लांटरों को यातायात में बाधक मानते हुए हटाने के लिए कहा। साथ ही वहां लगे यूनिपोल व होर्डिंगस साइड को पीछे शिफ्ट करने की जरूरत बताई। साथ ही चौराहे के पास यातायात में बाधक बन रहे अस्थाई अतिक्रमणों को हटाने के भी निर्देश दिए।
काम नहीं आ रही स्लीप लेन
विज्ञाननगर जाने वाले रोड पर बसों के ठहराव के कारण भी वर्तमान स्लीप लेन का पूर्ण उपयोग नहीं हो रहा है। ऐसे में बसों का ठहराव यहां बंद किया जाएगा।
एक्सपर्ट व्यू- सिग्नल ही समाधान
1 एरोड्राम पर वैकल्पिक व्यवस्थाओं के साथ सिग्नल लाइट लगाने से ही यातायात नियंत्रण हो सकता है। न्यास और यातायात पुलिस को इस पर विचार करना चाहिए।
2 शहर का यातायात हर साल 10 प्रतिशत बढ़ रहा है। समय रहते विकल्प तलाशें।
3 स्लिप लेन में पर्याप्त जगह है। बस स्टॉप को हटाने से चौराहे के ट्रैफिक दबाव पर कोई असर नहीं होगा। इस लेन को अतिक्रमण मुक्तकिया जाए ताकि पूरा रास्ता उपयोग में आए।
4 चौराहे के आसपास का फुटपाथ बेहद छोटा है। इसे और छोटा करने से भी कोई बहुत बड़ी राहत नहीं मिलेगी।
5 ट्रैफिक इंजीनियरिंग के लिहाज से ही चौराहे के बारे में निर्णय लिया जाना चाहिए।
ऑटो स्टैण्ड शिफ्ट करेंगे
से डीसीएम की ओर जाने वाली सड़क पर ऑटो स्टैण्ड एवं वाहनों के ठहराव के कारण भी स्लीपलेन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसे में ऑटो स्टैण्ड अन्यत्र शिफ्ट किया जाएगा।
रामकुमार मेहता, अध्यक्ष, यूआईटी
अतिक्रमण से परेशानी
वर्तमान में चौराहे पर जगह तो पर्याप्त है, लेकिन अतिक्रमण एवं गलत निर्माण के कारण यातायात के लिए जगह कम पड़ रही है। एेसे में तकनीकी अध्ययन कराया जाना उचित होगा।
संदीप शर्मा, विधायक कोटा दक्षिण
रोटरी का फुटपाथ छोटा होगा
चौराहे के रोटरी के चारों ओर का फु टपाथ भी छोटा करेगें, ताकि रोड चौड़ा हो सके। वहीं प्लांटरों को हटाकर कर्वस्टोन लगाने के बाद के बाद स्लीप लेन से यातायात आसानी से निकल सकेगा।
नवीन सिंघल, अधिशासी अभिंयता
Published on:
15 Jun 2017 10:17 am
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