जनकपुर वन काष्ठागार के पास करीब 2 एकड़ वनभूमि पर जगह-जगह अवैध कब्जा कर मकान बना दिया गया है। मामले में वन मंडल से करीब 35 अवैध कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर स्वमेय हटाने निर्देश दिए गए थे। लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाने के कारण संयुक्त टीम कार्रवाई करने पहुंची।
इस दौरान किराए की जेसीबी मशीन लेकर कक्ष क्रमांक 1267 में निर्मित 17 अवैध मकानों को ढहा दिया गया। मौके पर विरोध होने के बाद जेसीबी मालिक ने बाकी बचे 18 मकानों को ढहाने से इंकार कर दिया और वहां से जेसीबी लेकर चला गया। इसके बाद राजस्व व वन विभाग की संयुक्त टीम मायूस होकर खाली हाथ लौट गई।
तोड़ू दस्ते को विरोध का सामना करना पड़ा, कार्रवाई बाधित
संयुक्त टीम द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। इस दौरान तोड़ू दस्ता व ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई।
हालांकि अधिकारी ग्रामीणों को समझाइश देने की कोशिश करते रहे, लेकिन ग्रामीणों ने एक नहीं सुनी। इसी बीच चालक जेसीबी को लेकर चला गया और तोड़ूदस्ते का काम रुकने के बाद लौट गए। वनभूमि में काबिज 18 अवैध मकानों को बाकी है तोडऩा
वनमंडल मनेंद्रगढ़ से कुल 35 कब्जाधारियों को स्वमेय खाली कराने नोटिस जारी हुआ था। अतिक्रमण नहीं हटाने पर १७ मकान तोड़े गए हैं, वहीं शेष 18 मकानों को तोडऩे दोबारा अभियान चलाया जाएगा। वनांचल भरतपुर में जगह-जगह वनभूमि पर अवैध कब्जा कर मकान बनाने की होड़ लगी है।
वनमंडल मनेंद्रगढ़ से कुल 35 कब्जाधारियों को स्वमेय खाली कराने नोटिस जारी हुआ था। अतिक्रमण नहीं हटाने पर १७ मकान तोड़े गए हैं, वहीं शेष 18 मकानों को तोडऩे दोबारा अभियान चलाया जाएगा। वनांचल भरतपुर में जगह-जगह वनभूमि पर अवैध कब्जा कर मकान बनाने की होड़ लगी है।
फॉरेस्ट अमला भी एक-दो घर बनने पर कोई ध्यान नहीं देता है। बड़ी संख्या में मकान बनने के बाद अतिक्रमण हटाने कार्रवाई करने पहुंचता है। इससे ग्रामीणों व वन विभाग के विवाद की स्थिति निर्मित होती है।
17 मकान को किया गया ध्वस्त
वन काष्ठागार के पास करीब दो एकड़ में अवैध कर बनाए गए 35 कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया गया है। इसमें 17 मकान को जेसीबी से तोड़ा गया है। वहीं शेष मकानों को तोडऩे दोबारा अभियान चलाया जाएगा।
उत्तम पैकरा, एसडीओ फॉरेस्ट जनकपुर