
Korba News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में देव दिवाली का यह पर्व कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इसे लेकर श्रद्धालुओं ने विशेष तैयारी की है। शुक्रवार को हसदेव नदी के घाट पर लोग स्नान कर विधि विधान से दीपदान करेंगे। इसे लेकर लोगों ने अपने घरों में अपनी-अपनी परंपरा और संस्कृति के अनुसार पूजा की तैयारी की है।
Korba News: इसी दिन हसदेव नदी के तट पर हिंदू क्रांति सेना की ओर से महाआरती का आयोजन किया गया है। महाआरती का यह कार्यक्रम शुक्रवार शाम 5 बजे से शुरू होगा जो देर रात तक चलेगा। हिंदू क्रांति सेना की ओर से बताया गया है कि आज के दिन 11 हजार दीप नदी के तट पर प्रज्जवलित किए जाएंगे। 21 हजार दीप दान की जाएगी। 51 लीटर दूध से हसदेव नदी का दुग्धाभिषेक किया जाएगा। 51 मीटर चुनरी भेंट की जाएगी। इस महाआरती को लेकर आयोजन समिति ने बनारस से ब्राह्मणों को बुलाया है।
Korba News: देव दिवाली के दिन हसदेव नदी के तट पर भव्य आतिशबाजी के साथ-साथ भव्य लाइट शो, लेजर शो का आयोजन किया गया है। पुष्प वर्षा के साथ-साथ झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगीं। कार्यक्रम के तहत भजन संध्या का आयोजन है। फायर बॉल शो भी रखा गया है। समिति की ओर से बताया गया है कि यह तीसरा साल है जब जीवनदायिनी हसदेव नदी के तट पर कोरबा में महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। समिति ने इस कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है। आयोजन समिति तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगी है।
हसदेव नदी के तट पर महाआरती के समय होने वाली भीड़ को लेकर पुलिस ने अपने स्तर पर तैयारी की है। यातायात के मार्ग को बदला गया है। जगह-जगह पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस का कहना है कि दोपहर 2 बजे से इस मार्ग पर गाड़ियाें की एंट्री बंद कर दी जाएगी। किसी भी गाड़ियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
पुलिस की ओर से बताया गया है कि बिलासपुर-तरदा से होकर आने उरगा, सीतामणी के रास्ते शहर में आएंगीं। कोरबा रेलवे स्टेशन से आने वाली गाड़ियों को नहर चौक के पास पार्क किया जाएगा। कुसमुंडा की ओर से आने वाली गाड़ियां बरमपुर हाईस्कूल मैदान में खड़ी की जाएंगी। इस क्षेत्र से कोरबा आने वाले लोगों को सुराकछार- एनटीपीसी रास्ते का इस्तेमाल करने कहा गया है।
आज देव दिवाली है। हर साल कार्तिक मास के पूर्णिमा को देव दिवाली का पर्व मनाया जाता है। इस बार 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा होने के कारण देव दिवाली मनाई जाएगी। लोग नदी और सरोवरों में स्नान कर विधि-विधान से दीपदान करेंगे। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था और देवताओं ने स्वर्ग लोक में दीप जलाकर देव दिवाली मनाई थी।
Updated on:
15 Nov 2024 04:25 pm
Published on:
15 Nov 2024 04:16 pm
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