नई दिल्ली/कोलकाता। नए संसद भवन का पहला बिल विधायिकाओं में महिलाओं के आरक्षण के लिए ‘नारी शक्ति वंदन विधेयक’ (128वां संविधान संशोधन) पूर्ण बहुमत के साथ पारित हुआ। हालांकि इस बिल के पीछे भी पक्ष या विपक्ष दोनों ने ही श्रेय लेने का मौका नहीं छोड़ा और चर्चा को बहस और फिर जुबानी जंग का रूप दे डाला।
पक्ष-विपक्ष दोनों ने खुले मन से किया बिल का स्वागत
बुधवार को जहाँ भारी बहस के बाद नारी शक्ति वंदन विधेयक लोकसभा में 454/2 वोटों से पारित हुआ था वहीँ गुरूवार को राजयसभा में इस विधेयक के पक्ष में 215 और विरोध में एक भी मत नहीं पड़ा। अब राष्ट्रपति की अनुमति और राज्यों की विधानसभाओं से पारित होने के बाद यह बिल कानून का रूप ले लेगा।
इस बिल के पारित होने पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने जहाँ अपना विजन बताते हुए ख़ुशी जाहिर की वहीँ बीजेपी ने इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताया। लेकिन कई मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष में तनातनी भी देखने को मिली।
महुआ मोइत्रा ने आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा
लोकसभा में बिल पर बहस के दौरान जब टीएमसी से लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा बोलने के लिए खड़ी हुई तो उन्होंने शुरुआत कैफी आजमी की नज्म से करते हुए कहा कि उठ मेरी जान मेरे साथ ही चलना है तुझे। जन्नत इक और है जो मर्द के पहलू में नहीं उसकी आजाद रविश पर भी मचलना है तुझे, उठ मेरी जान मेरे साथ ही चलना है तुझे। बन के तूफ़ान छलकना है उबलना है तुझे, उठ मेरी जान मेरे साथ ही चलना है तुझे ।
उन्होंने कहा कि संविधान सभा की सभी 15 महिलाओं ने किसी भी तरह के आरक्षण की मांग को खारिज कर दिया था।
बिल का समर्थन करने या ना करने के बारे में उन्होंने कहा कि नए बिल में अनुच्छेद 334A बीजेपी का एक दिखावा है। अगर वे सच में इस मामले को लेकर गंभीर हो तो 2024 के लोकसभा चुनाव में वे 33% महिलाओं को पार्टी की ओर से टिकट दे जैसा कि ममता बनर्जी ने पिछले कुछ दशकों में किया है। उन्होंने दावा किया कि असल आरक्षण तो ममता बनर्जी ने 37% महिलाओं को संसद भेजकर किया है।
घोष ने लगाए भाजपा पर गंभीर आरोप
वहीँ दूसरी ओर टीएमसी से लोकसभा सदस्य काकोली घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार में ममता बनर्जी ने महिला विधायकों में स्वास्थ्य,कानून और उद्योग जैसे महत्त्वपूर्ण विभाग आवंटित किये है। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने इसरो में महिला वैज्ञानिकों के वेतन को रोका है।
इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्षी पार्टी के सदस्य द्वारा बोले गए शब्द भ्रामक है और सदन को गुमराह करने वाले है। इसरो वैज्ञानिकों ने खुद कई बार इस बात को दोहराया है कि उन्हें नियमित रूप से वेतन मिल रहा है। फिर भी कांग्रेस और टीएमसी लगातार झूठे आरोप लगा रहे है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।