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राष्ट्रपति मुर्मू पर टिप्पणी कर फंसे बंगाल के मंत्री गिरि ने माफी मांगी

. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ टिप्पणी कर फंसे पश्चिम बंगाल के मंत्री अखिल गिरि ने विवाद बढऩे पर माफी मांगी और बयान को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि हम किसी को उनके रंगरूप से नहीं आंकते हैं, हम राष्ट्रपति (भारत के) के कार्यालय का सम्मान करते हैं। अगर भारत की राष्ट्रपति अपमानित महसूस करती हैं तो मुझे खेद है।

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राष्ट्रपति मुर्मू पर टिप्पणी कर फंसे बंगाल के मंत्री गिरि ने माफी मांगी

राष्ट्रपति मुर्मू पर टिप्पणी कर फंसे बंगाल के मंत्री गिरि ने माफी मांगी

बोले, मैंने जो कहा, उस पर मुझे है खेद
तृणमूल ने गिरि के बयान से किया किनारा
भाजपा सांसद ने राष्ट्रीय महिला आयोग में की शिकायत
कोलकाता. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ टिप्पणी कर फंसे पश्चिम बंगाल के मंत्री अखिल गिरि ने विवाद बढऩे पर माफी मांगी और बयान को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि हम किसी को उनके रंगरूप से नहीं आंकते हैं, हम राष्ट्रपति (भारत के) के कार्यालय का सम्मान करते हैं। अगर भारत की राष्ट्रपति अपमानित महसूस करती हैं तो मुझे खेद है। मैंने जो कहा, उस पर मुझे खेद है। बताया जा रहा है कि सियासत तेज होने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंत्री को फटकार लगाई। इसके बाद उन्होंने माफी मांगी है। दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस ने गिरि से खुद को पूरी तरह से अलग कर लिया और कहा कि वो इस तरह की टिप्पणियों के लिए न तो उनका समर्थन करती है और न ही जिम्मेदारी लेती है। गिरी के खिलाफ नंदीग्राम थाने में गैर जमानती एससी/एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। लेकिन पुलिस ने कहा कि उसे गिरि के खिलाफ अभी ऐसी शिकायत नहीं मिली है।
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गिरि को पुलिस करे गिरफ्तार: आयोग
इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने आपत्तिजनक बयान को लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस से राज्य के मंत्री गिरि को शीघ्र गिरफ्तार करने की अपील की। आयोग ने पुलिस को पत्र भेजा। आयोग के प्रवक्ता ने कहा कि गिरि ने राष्ट्रपति का मजाक उड़ाने की कोशिश की है। इसलिए बंगाल पुलिस आरोपी मंत्री को अविलंब गिरफ्तार करें। आयोग ने गिरि को पत्र भेजा है। पत्र में उन्हें राष्ट्रपति के बारे में दिए गए बयान को लेकर लिखित माफी मांगने को कहा है। आयोग ने इसके लिए मंत्री को समय सीमा दी है। भाजपा सांसद सौमित्र खान ने राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखा है। कार्रवाई की मांग की है।
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बुजुर्ग हूं, गुस्सा आ गया
मंत्री गिरि ने कहा कि पिछले कुछ दिनों और महीनों में मुझे नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से उपहास, अपमान और गालियां मिली हैं। मैं बुजुर्ग हो गया हूं और मैं गुस्से में था। मैंने जो कुछ भी कहा वह उनके जवाब में गुस्से में था। मैं भी मंत्री हूं और संविधान के तहत शपथ ली है। वे मुझ पर हमला ही नहीं कर रहे हैं, संविधान का भी अपमान कर रहे हैं। 63 वर्षीय विधायक गिरी ने समाचार चैनल से कहा कि मेरा आशय माननीय राष्ट्रपति का अनादर करने से नहीं था। मैं केवल उन बयानों का जवाब दे रहा था जो भाजपा नेताओं ने मुझ पर हमला करते हुए दिए हैं। यदि किसी को लगता है कि मैंने राष्ट्रपति का अनादर किया है, तो मैं इस बयान के लिए माफी मांगता हूं। देश की राष्ट्रपति का मैं बहुत सम्मान करता हूं।
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10 करोड़ की भावनाओं को आहत किया: मुंडा
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने आरोप लगाया कि यह मंत्री की कचरा मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंत्री (गिरि) को अब तक बर्खास्त नहीं किया गया है। मुंडा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से गिरि के बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। यह स्पष्ट करने को कहा कि किसके इशारे पर गिरि ने इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण और अभद्र टिप्पणी की। गिरि ने 10 करोड़ से अधिक आदिवासियों की भावनाओं को आहत किया है। देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को चोट पहुंचाई है।
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ऐसी टिप्पणी का समर्थन नहीं: तृणमूल
तृणमूल ने मंत्री के बयान से किनारा कर लिया है। तृणमूल सांसद शांतनु सेन ने कहा है कि सीएम ममता बनर्जी महिला सशक्तिकरण की प्रतीक हैं। इसलिए ऐसी टिप्पणी का समर्थन करने का सवाल ही नहीं है। मंत्री गिरि को अपनी गलती का अहसास हुआ। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसके लिए माफी भी मांगी है। सेन ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेताओं को पश्चिम बंगाल की राजनीति में कोई जन समर्थन नहीं है। वे गिद्धों की तरह हैं और इस प्रकार की गंदी राजनीति पर ही जीवित रह सकते हैं। तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि हम लोगों के व्यक्तिगत बयान पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। पार्टी इस तरह के बयान का ना तो समर्थन करती है और ना ही इसकी जिम्मेदारी लेती है।
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यह कहा था मंत्री गिरि ने
मंत्री अखिल गिरि की विवादित टिप्पणी तब सामने आई जब वे नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी पर हमला बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी मेरे लिए कहते हैं कि मैं सुंदर नहीं हूं। वे कितने सुंदर हैं? वायरल वीडियो में गिरि को एक जनसभा में कहते सुना जा सकता है कि हम किसी को उनकी शक्ल से नहीं आंकते, हम राष्ट्रपति (भारत के) के पद का सम्मान करते हैं। लेकिन हमारी राष्ट्रपति कैसी दिखती हैं। पत्रिका इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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विस में निंदा प्रस्ताव लाना चाहते आदिवासी विधायक
भाजपा के आदिवासी विधायक अपत्तिजनक बयान को लेकर गिरि के खिलाफ राज्य विधानसभा में निंदा प्रस्ताव लाना चाहते हैं। भाजपा के प्रदेश अनुसूचित मोर्चा के अध्यक्ष और हबीबपुर से विधायक ज्वेल मुर्मू ने यह संकेत दिया। उन्होंने कहा कि हम विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रस्ताव लाने के लिए अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले वे इस बारे में शुभेन्दु अधिकारी से बातचीत करेंगे। फिर मीडिया में बयान देंगे।