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वीडियो स्टोरी : बरसों से पानी को तरसे इलाके में पहुंची नहर तो पूजन किया, नारियल फोड़े

-पीपरी माइक्रो व बलकवाड़ा सिंचाई परियोजना से सूखे इलाकों में पहुंचा पानी, खिले चेहरे, पीपरी माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना से 7 हजार, बलकवाड़ा सिंचाई परियोजना से 9 हजार हेक्टेयर रकबा होगा सिंचित

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खरगोन

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Gopal Joshi

Jan 29, 2024

खरगोन.
पानी के अभाव में बिहड़ जैसे हालात वाले कस्बों में किसानों के चेहरे उस समय खिल उठे जब नर्मदा का पानी नहरों व मुख्य लाइन के जरिए सूखे तालाबों में पहुंचा। एनवीडीए के पीपरी माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना व बलकवाड़ा सिंचाई परियोजना की टेस्टिंग के चलते यह पानी कमांड एरियों में छोड़ा गया। पानी देख किसानों ने नर्मदा मैया के जयकारे लगाए। कपूर-बत्ती से आरती उतारी। फूल मालाएं चढ़ाई। यह परियोजनाओं का टेस्टिंग पीरियड है। खामियां कहां है यह बाद में पता चलेगा।
बलकवाड़ा सिंचाई परियोजना की मुख्य नहर का पानी जामला से लिफ्ट कर मुख्य लाइन की टेस्टिंग के लिए गुजारी तालाब में छोड़ा गया। जैसे ही पानी तालाब में पहुंचा लोहारी, गुजारी, छालपा, निमगुल आदि क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर दौड़ी। महिलाओं सहित बच्चे तालाब पर पहुंचे और पूजन कर फूल मालाएं चढ़ाई।
आस : किसान बोले- टेस्टिंग तक की सीमित न रहे योजना
किसानों ने कहा- टेस्टिंग से उम्मीद जागी है। अब तक पानी के अभाव में केवल कपास की उपज ले रहे थे। पानी मिले तो खेती को लाभ का धंधा बना सकते हैं। लेकिन यह प्रक्रिया केवल टेस्टिंग तक ही सीमित न रहे। लाइन के जरिए खेतों तक पानी पहुंचेगा तो योजना की सार्थकता होगी।
खुशी : किया पूजन, उतारी आरती
क्षेत्र के किसान करणसिंह मंडलोई, राजेंद्र पटेल, राजेश चौहान, गुजारी सरंपच दशरथ भालसे, कन्हैया भालसे, शिवा भालसे, सुरेश मंडलोई, कैलाश चौहान ने बताया क्षेत्र में खेती को लेकर संभावनाएं है, अब तक पानी के अभाव में शत प्रतिशत उत्पादन नहीं मिल रहा था। परिवार काम की तलाश में पलायन कर गए हैं। लेकिन अब पानी पहुंचा है तो यही रहकर खेती करेंगे।
बढ़ेगा जल स्तर, जीवित होंगे ट्यूबवेल, कुएं
किसान हरिसिंह चौळान, हिम्मदत चौहान, सूरज सिंह मंडलोई, जितेंद्र मंडलोई का मानना है कि यदि यह पानी तालाब में नियमित बना रहेगा तो क्षेत्र का जल स्तर स्वत: बढ़ेगा। अभी इलाके में ट्यूबवेल, कुएं, नवंबर, दिसंबर में ही सूख जाते हैं। तालाब के पानी का रिसाव होगा तो इन स्त्रोतों में भी पानी बना रहेगा।
जिले में संचालित सिंचाई परियोजनाओं की यह है स्थिति
पीपरी माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना : 270 करोड़ की योजना से जिले के 61 ग्रामों की 7 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचिंत होगी। टेस्टिंग शुरू हो गई है।
बिस्टान माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना : पूर्ण हो चुकी हैं। 92 ग्रामों के 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर सिंचाई हो रही है।
बलकवाड़ा सिंचाई योजना : 97 करोड़ की योजना पूर्ण हो चुकी है। परीक्षण जारी है। इससे 9 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी।
चौडी जामन्या माइक्रो परियोजना : 55 करोड़ की लागत वाली परियोजना में 95 प्रतिशत काम का दावा किया है।
अंबा रोडिय़ा परियोजना : 112 करोड़ की परियोजना में कुछ किसान काम नहीं करने दे रहे। कलेक्टर ने एसडीएम को निराकरण का जिम्मा दिया है।