25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आेंकारेश्वर सैलानी टापू..एडवेंचर..बारिश में आकर्षण

मध्यप्रदेश के आेंकारेश्वर स्थित सैलानी टापू पर बारिश में आकर्षण का केंद्र है। एडवेंचर के साथ ही यहां सुरक्षा की फ्रिक जरुरी है। भूलकर भी ये न करें 

3 min read
Google source verification
Crocodile in Sailani Tapu Omkareshwar

Crocodile in Sailani Tapu Omkareshwar

खंडवा. मध्यप्रदेश में उभरते हुए पर्यटन केंद्र सैलानी टापू इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। प्रदेश के साथ ही यहां देशभर से टूरिस्ट बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। दिल्ली-मुंबई, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सागर सहित प्रदेश के कई शहरों से आप रेलमार्ग से सीधे खंडवा आकर सैलानी का लुत्फ उठा सकते हैं।
सैलानी टापू पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से भी यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। खासकर इंदौर, बड़वाह, धार, उज्जैन, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, खरगोन, बड़वानी सहित कई शहरों से टैक्सी या बस से पहुंच सकते हैं। वहीं देश के कई हिस्सों से एयर बस से भी इंदौर या भोपाल या फिर औरंगाबाद से टैक्स से आ सकते हैं।

खतरों से भरा है सैलानी टापू
अगर आप सिद्धवरकूट, ओंकारेश्वर, सैलानी टापू, जयंती माता की ओर घूमने जा रहे हैं तो बिना अनुमति जंगलों में न जाएं, अन्यथा कोई हादसा भी हो सकता है। लगातार हो रही बारिश के चलते एेसी जगहों के आस-पास जंगली जानवरों का डेरा हो गया है, जिनके पगगार्क देखने को मिले हैं। इसलिए स्थानीय लोग और वन विभाग ने पर्यटकों से अनाधिकृत रूप से जंगलों में घूमने से मना किया है। उनका कहना है कि बड़ी घास होने से जंगली जानवरों के हमला करने का खरता अधिक हो जाता है।

IMAGE CREDIT: patrika

ये जानवरों से बचकर रहे यहां
इन जानवरों का खतरा: ओंकारेश्वर, बड़वाह, सैलानी के आसपास करीब दो दर्जन तेंदुआ, रीछ के साथ खतरनाक रॉक पाइथन (अजगर) और कोबरा सांप हैं। इस समय वे बारिश से सूखे स्थानों, सड़क, पगडंडी और खुले में आकर रहते हैं। एेसे में अगर किसी से कोई लापरवाही हुई तो अपना शिकार बना लेंगे। इसलिए आप उन क्षेत्रों में जा रहे हैं तो विशेष ध्यान रखें।

IMAGE CREDIT: Patrika

ये आ रही समस्या
जब कोई परिवार या कोई व्यक्ति पिकनिक मनाने जंगल में विशेषकर सैलानी टापू जा रहे हैं तो वे सैलानी रिसॉर्ट में बोटिंग के बाद जंगल में खाली स्थान पर एंजाय करने या फिर घर से ले जाए जा रही खाद्य सामग्री जंगल में बैठकर पिकनिक मनाने का काम कर रहे हैं। इसके साथ साथ युवा और बच्चे फोटोग्राफी करने के लिए जंगल में अंदर जाकर पेड़ों पर चढ़कर या फिर बैकवाटर के किनारे नहा भी रहे है। यहां कोई व्यवस्था व सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से खतरे की आशंका है।

IMAGE CREDIT: Patrika

पर्यटक रहे सर्तक
सैलानी और उसके आस-पास के क्षेत्र के जंगलों में प्रवेश पर प्रतिबंध है। जंगल में जाने वाले लोगों की जांच के लिए चौकी बनाने की तैयारी चल रही है। जंगल में आने-जाने वाले वाहनों से राशि वसूलने के लिए शासन से अनुमति की मांगी है। जल्द ही वहां पूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी। - एसके सिंह, डीएफओ खंडवा