
खंडवा. जनसुनवाई में पीओपी प्रतिमा निर्माण की मांग करते प्रजापति समाज।
पीओपी की प्रतिमाओं पर प्रतिबंध से हजारों मूर्तिकारों की आजीविका पर संकट आ आएगा और गणेशोत्सव की परंपरा पर भी प्रभाव पड़ेगा। प्रशासन प्रतिबंध की जगह ऐसे व्यावहारिक समाधान तलाशे, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मूर्तिकारों की आजीविका भी प्रभावित न हो। यह बात मंगलवार को जनसुनवाई में अखिल भारत हिंदू महासभा और प्रजापति मूर्तिकार समाज ने जिपं सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा से लगाई।
जिपं सीईओ डॉ. गौड़ा ने कहा कि पिछले एक साल से इसकी कवायद चल रही है। गणेशोत्सव के बाद भी बैठक लेकर स्पष्ट किया गया था कि अगले साल पीओपी की प्रतिमाएं नहीं बनाई जाएगी। सुप्रीम कोर्ट का भी ये ही आदेश है। मूर्तिकारों ने कहा खंडवा जिले की मिट्टी ऐसी नहीं है कि जिससे प्रतिमाओं का निर्माण हो सकें। इस पर जिपं सीईओ ने कहा कि हमारी आजीविका मिशन की महिलाओं ने भी 10 हजार प्रतिमाएं मिट्टी से बनाई थी। सीईओ ने जल्द ही कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक कर इसके लिए कोई निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
जनसुनवाई में आए वार्ड 9 नंदविहार कॉलोनी के निवासियों ने जल संकट को लेकर गुहार लगाई। रहवासियों ने बताया कि कॉलोनी में 190 परिवार है, जो 10 वर्षों से निवासरत है। कॉलोनी में एक ही बोर है, जो गर्मियों में दम तोड़ देता है। जिससे लोगों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। निगम द्वारा नर्मदा जल योजना अमृत 2.0 की पाइप लाइन भी नहीं डाली गई है। नंद विहार कॉलोनी में सीवरेज लाइन का काम भी शुरू नहीं किया गया। इसके साथ ही कॉलोनीवासियों ने कॉलोनी के दो मार्गों पर वहीं के कुछ रहवासियों द्वारा अतिक्रमण किए जाने की शिकायत भी की।
गुलाबसिंह कोरकू निवासी अटूट भिकारी ने बताया कि वर्ष 2025 में मनरेगा के तह उसने खंती खोदने का काम किया था। उसके 24 दिन के काम की मजदूरी अब तक नहीं मिली है। इसकी शिकायत 181 पर भी की गई है, लेकिन कोई हल नहीं निकला। पंचायत में शिकायत करने जाता हूं तो मेरा बीपीएल कार्ड भी निरस्त करने की धमकी देते है।
कल्लनगंज निवासी हबीब जोए ने अपने घर के पास आम रास्ते पर एक व्यक्ति द्वारा अतिक्रमण करने की शिकायत की। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर केआर बड़ोले, अरविंद चौहान सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
Published on:
10 Jun 2026 12:22 pm
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