
खंडवा। जबलपुर और नर्मदापुरम् संभाग के तवा और बरगी बांध के गेट बंद होने से नर्मदा (narmada river) के पानी का प्रवाह धीमा पड़ा है। इसका असर इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध में देखने मिल रहा है। ओंकारेश्वर बांध के 09 गेट बंद कर दिए गए, लेकिन इंदिरा सागर बांध के 12 गेटों की ऊंचाई को कम करते हुए एम मीटर कर दिया गया है जिससे 4 हजार 768 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। शनिवार शाम तक इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर डैम का जलस्तर कम हो गया था।
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बिजली उत्पादन हुआ शुरू
बुधवार को ओंकारेश्वर बांध के सभी 23 गेट खोलने पड़े है। इससे ओंकारेश्वर पॉवर हाउस में बिजली का उत्पादन ठप हो गया है, लेकिन गुरुवार शाम से ओंकारेश्वर पावर हाउस में फिर से बिजली उत्पादन फिर से शुरू किया गया।
घाट में कम हुआ जलस्तर
ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी पर बने सभी घाटों से धीरे-धीरे जलस्तर कम होता जा रहा है। लेकिन एतियातन प्रशासन व बांध प्रबंधन द्वारा लगातार उद्घोषणा केंद्र के माध्यम से हाई अलर्ट की चेतावनी लगातार दी जा रही है।
फैक्ट फाइल
| बांध | जलस्तर | क्षमता |
ओंकारेश्वर | 193.00 | 194.6 मी |
| इंदिरा सागर | 260.00 | 262.0 मी |
ओंकारेश्वर बांध
9 गेट खुले हुए हैं, जिससे करीब 3 हजार 500 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। कुल गेटों की ऊंचाई 1 मीटर है।
इंदिरा सागर बांध
12 गेट खुले हुए है जिससे 4 हजार 768 क्युमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। कुल गेटों की ऊंचाई 3.5 मीटर है।
Updated on:
20 Aug 2022 07:02 pm
Published on:
20 Aug 2022 06:49 pm
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