
Mortakka bridge drowned in floods in Narmada, drone camera captured
खंडवा. ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर बांध से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण नर्मदा उफान पर है। रविवार को नर्मदा ने अपना रौद्र रूप दिखाया। खतरे के निशान से 169.500 मीटर यानी 5.52 मीटर ऊपर बही। जबकि नर्मदा का खतरे का निशान 163.980 मीटर है। नर्मदा का जलस्तर बढ़ते ही मोरटक्का पुल पानी में समा गया। शनिवार रात को ही मोरटक्का पुल पर पानी आ गया था, लेकिन रविवार दोपहर पुल पर पांच फीट से अधिक पानी रहा। वहीं नर्मदा किनारे के क्षेत्रों में पानी पहुंचा। लगातार बढ़ रहे नर्मदा के जलस्तर को देख रविवार को प्रशासन ने खेड़ीघाट और मोरटक्का क्षेत्र की नर्मदा किनारे बनी दुकानें खाली कराई। वहीं रहवासी लोगों को सामान सहित सुरक्षित स्थानों पर भेजा। उधर, परिक्रमा पथ और ममलेश्वर मंदिर मार्ग पर नर्मदा का पानी पहुंचने से लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थितियों ेके मुताबिक सोमवार को भी मोरटक्का पुल खुलने की उम्मीद नहीं है। नर्मदा का रौद्र रूप देखने के लिए रविवार को सुबह से ही खंडवा, सनावद, बड़वाह सहित आसपास के क्षेत्रों के लोग ओंकारेश्वर पहुंचे। हालांकि नर्मदा किनारे पुलिस बल तैनात रहा।
इंदिरा सागर के 12 गेट 10.50 मीटर तक खोले
ऊपरी इलाकों से लगातार आ रहे पानी से इंदिरा सागर बांध का जलस्तर बढ़ रहा है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए एनएचडीसी प्रबंधन ने बांध के 12 गेटों को 10.50 मीटर की ऊंचाई तक खोला है। वहीं आठ गेटों को दो मीटर तक खोला गया है। गेटों से 30 हजार 380 और टरबाइन से 1840 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इस प्रकार इंदिरा सागर बांध से प्रति सेकंड 32 हजार 220 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं बांध का जलस्तर 262.07 मीटर बना हुआ है। ठीक इसी प्रकार ओंकारेश्वर बांध के 21 गेट खोलकर 33 हजार 374 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। पानी अधिक होने से टरबाइन बंद की गई है। बांध का जलस्तर 193.71 मीटर है।
हाइवे दूसरे दिन रहा बंद, एक्वाडक्ट पर लगा जाम
नर्मदा में उफान होने से इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर बने मोरटक्का पुल पर पानी आ गया है। इससे इस पुल के रास्ते हाइवे पर शनिवार से वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है, जो रविवार को भी रही। पुल बंद होने से प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग के रूप में एक्वाडक्ट पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू कराई है। रविवार को एक्वाडक्ट पुल पर वाहनों का दबाव बढऩे से जाम की स्थितियां निर्मित हुई। वाहन जाम में रेंगते हुए आवागमन करते नजर आए। वहीं हाइवे के वाहनों को खंडवा से इंदौर जाने के लिए देशगांव होते हुए खरगोन के रास्ते भीकनगांव, खलघाट से तेजाजी नगर इंदौर के लिए निकाला जा रहा है। इस मार्ग पर भी वाहनों का दबाव होने से जाम लगा है। उधर, पुनासा में इंदिरा सागर बांध के पास पुनासा, सतवास-भोपाल मार्ग पर बना पुल भी दूसरे दिन बंद रहा।
घाटों में नहीं जाने की मुनादी, आश्रम कराए खाली
नर्मदा के बढ़ते जलस्तर को देख रविवार को पुनासा एसडीएम डॉ. ममता खेड़े और तहसीलदार उदय मंड़लोई ने नर्मदा किनारों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निचली बस्तियों को खाली कराया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। वहीं मुनादी कराकर लोगों को नर्मदा घाट और किनारे पर नहीं जाने की हिदायत दी गई। इधर, खेड़ीघाट और मोरटक्का पुल के पास बने आश्रमों तक नर्मदा का पानी पहुंचने पर प्रशासन ने खाली कराया है। निगरानी के लिए पुलिस और होमगॉर्ड के जवान तैनात किए गए हैं।
बांधों की स्थिति...
ओंकारेश्वर बांध...
बांध का निर्धारित जलस्तर- 196.60 मीटर
बांध का वर्तमान जलस्तर- 193.71 मीटर
खोले गए गेटों की संख्या- 21
टरबाइन व गेट से छोड़ा पानी- 33374 क्यूमेक्स
इंदिरा सागर बांध...
बांध का निर्धारित जलस्तर- 262.13 मीटर
बांध का वर्तमान जलस्तर- 262.07 मीटर
खोले गए गेटों की संख्या- 20
टरबाइन से छोड़ा पानी- 32220 क्यूमेक्स
Published on:
31 Aug 2020 06:01 am
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