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मजदूरी नहीं मिली तो ये क्या कर दिया किसानों ने

जिला पंचायत में किसानों का धरना जारी

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खंडवा

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Rahul Singh

Jul 05, 2018

MANREGA

MANREGA

खंडवा. मनरेगा में बाकी मजदूरी के भुगतान के लिए जिला पंचायत में डेरा डालकर बैठे आदिवासी किसान, मजदूरों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को आदिवासी किसान, मजदूरों ने अपने जॉब कार्ड की होली जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। तीसरे दिन बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह भी धरना प्रदर्शन में पहुंचे और मजदूरी दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं, सीइओ ने भी धरना खत्म कराने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी।
चार साल पूर्व मनरेगा में रेशम कीट उत्पादन के लिए शहतूत के पौधे लगाने वाले आदिवासी किसान, मजदूर अब तक मजदूरी के लिए भटक रहे है। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले जिला पंचायत में तीन दिन से धरना-प्रदर्शन भी जारी है। महासंघ के सौरभ कुशवाह, विशाल शुक्ला ने बताया कि तीसरे तीन मजदूरों ने अपने-अपने जॉब कार्ड जलाए। मजदूरों का कहना था कि इस जॉब कार्ड को कोई मतलब नहीं, जिसके आधार पर काम करने के बाद भी मजदूरी नहीं मिल पा रही है। महासंघ पदाधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को शहर में रैली निकालकर आम जनता से समर्थन मांगा जाएगा।


नहीं बता पाए कारण
शाम को किसान मजदूरों के धरना प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह भी पहुंचे। यहां उन्होंने एसीइओ केआर कानुडे से मजदूरों के भुगतान नहीं होने का कारण पूछा। एसीइओ इसका कारण नहीं बता पाए। यहां दिग्विजयसिंह ने मजदूर, किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मजदूरी मिल जाएगी, आप लोग धरना खत्म कर दो। मजदूर, किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री के धरने में आने पर आभार माना, लेकिन धरना खत्म करने से मना कर दिया। मजदूरों का कहना था कि धरना खत्म कर दिया तो बात ठंडे बस्ते में चली जाएगी। चार साल से परेशान है, अब मजदूरी लेकर ही जाएंगे।


बिगड़ी थी 6 किसानों की तबीयत बिगड़ी
मजदूरी के भुगतान के लिए सोमवार से जिला पंचायत में डेरा डालकर बैठे आदिवासी किसान, मजदूरों को खुले में रात बिताना पड़ी। मंगलवार को अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे मजदूर, किसानों में से छह की तबियत बिगडऩे से जिला अस्पताल भेजा गया। जिसमें से दो को भर्ती किया गया। मंगलवार को भी दिनभर मजदूर, किसान धरने पर बैठे रहे, लेकिन प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने सुध नहीं ली। गरीब आदिवासी मजदूर, किसानों के पास राशन की कोई व्यवस्था नहीं होने से किसान कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने रात में भोजन की व्यवस्था कराई।