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खास खबर: ‘किशोर दा’ की सौ साल पुरानी अमानत का इस तरह हुआ सौदा, जानिए पूरी कहानी

किशोर कुमार के 100 साल पुराना पुश्तैनी घर बिक गया हैं।पता चला है कि, इस मकान के खरीदार शहर के ही सबसे बड़े व्यापारी अभय जैन हैं।

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खास खबर: 'किशोर दा' की सौ साल पुरानी अमानत का इस तरह हुआ सौदा, जानिए पूरी कहानी

खंडवाः बॉलीवुड में अपनी महान अदाकारी से फैमस हुए "किशोर दा" कुमार को आज भी भारत में किसी परिचय की ज़रूरत नहीं है। लेकिन ये बात कम ही लोग जानते हैं कि, महान सिंगर, एक्टर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर यानि फिल्म मेकिंग से जुड़े सभी कामों में महारत रखने वाले किशोर कुमाक की जन्मस्थली मध्य प्रदेश का खंडवा है। लेकिन अब ये सौ साल पुरानी जन्मस्थली बिक चुकी है।

किशोर कुमार के 100 साल पुराना पुश्तैनी घर बिक गया हैं। मिली जानकारी में ये बात सामने आई है कि, इस मकान के खरीदार शहर के ही सबसे बड़े व्यापारी अभय जैन हैं। मकान के खरीद के लिए व्यापारी ने किशोर कुमार के परिजन से सौदा किया है।

खंडवा नगर के बाम्बे बाजार स्थित इस पुष्तैनी मकान से किशोर कुमार को जन्मभूमि होने के चलते बेहद लगाव था। किशोर कुमार का घर बिकने की चर्चाएं काफी दिनों से मीडिया द्वारा दिखाई जा रही थीं। लेकिन शुक्रवार की रात को आखिरकार इस बात पर से पर्दा उठ ही गया कि, किशोक कुमार का घर गौरीकुंज जिले के व्यापारी अभय जैन ने उनके परिजन से खरीद लिया है।

किशोर दा और उनके घर से जुड़ी कुछ खास यादें

-किशोर कुमार, उनके भाई अशोक कुमार और अनूप कुमार ने अपने शुरुआती साल में इसी मकान में रहे।
-किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को खंडवा में इसी मकान में हुआ था।
-खंडवा से वो मुम्बई चले गए, लेकिन वो हमेशा वापस अपने जन्मस्थान खंडवा आना चाहते थे।
-13 अक्टूबर 1987 को अपनी मृत्यु से पहले उन्होंने अपनी ये अंतिम इच्छा व्यक्त की थी, लेकिन वो भी पूरी नहीं हो सकी थी।
-हालांकि उनकी इच्छा के मुताबिक उनकी मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार खंडवा में ही किया गया था।
-किशोर कुमार की स्मृति में मध्यप्रदेश सरकार ने 1997 में किशोर कुमार सम्मान शुरू किया, जो फिल्म निर्देशन, अभिनय, कहानी लेखन और गीत लेखन के क्षेत्र में प्रतिवर्ष दिया जाता है।