
MP schools
शिक्षा विभाग के एक गलत आदेश का खामियाजा ढीमरखेड़ा विकासखंड के माध्यमिक स्कूल खम्हरिया स्कूल के सैकड़ों बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। गलत आदेश से सिर्फ खम्हरिया स्कूल ही नहीं आसपास के गांवों में आधा दर्जन से अधिक स्कूलों के बच्चे भी प्रभावित है। कई बच्चों को आगे की पढ़ाई भी छूट रही है। मामला स्कूल के उन्नयन से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार 11 सितंबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खम्हरिया खेल मैदान में आयोजित अंत्योदय मेला/ जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की मांग पर मंच से ही शासकीय माध्यमिक शाला खम्हरिया विकासखंड ढीमरखेड़ा के उन्नयन की घोषणा की थी। सीएम को घोषणा के बाद मप्र शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 23 मई 2018 को उन्नत शालाओं के लिए आदेश जारी किए गए।
जारी आदेश सूची क्रमांक 1 एवं 11 में एक ही शाला शासकीय माध्यमिक शाला खम्हरिया डाइस कोड 23380112301 विकासखंड बहोरीबंद अंकित कर दिया गया। जबकि सीएम ने शासकीय माध्यमिक शाला खम्हरिया डाइस कोड 23380616201 के लिए घोषणा की थी। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में की गई डाइस कोड की गलती की वजह से पिछले सात वर्षों से खम्हरिया स्कूल का उन्नयन नहीं हो सका है।
स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों द्वारा की गई एक लिपिकीय त्रुटी सैकड़ों बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। इस त्रुटी की ही तरह जिले के अफसरों व जनप्रतिनिधियों की अनदेखी भी है जो सात वर्षों बाद भी इस गलती को सुधारा नहीं जा सका है।हैरानी की बात तो यह है कि लगातार मांग के बावजूद जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी सात वर्षों में भी संसोधित आदेश जारी नहीं करवा सके है। इसके चलते खम्हरिया सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों छात्रों का भविष्य अंधकार में है। इस अवधि में कई छात्रों ने आगे की पढ़ाई छोड़ दी है तो कई दूरदराज के स्कूलों में जाकर बमुश्किल शिक्षा ग्रहण कर रहे है।
दो वर्ष पूर्व माध्यमिक शाला खम्हरिया के उन्नयन को लेकर तत्कालीन कलेक्टर अविप्रसाद ने लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त भोपाल को पत्र लिखा। कलेक्टर ने पत्र में सांसद के पत्र का जिक्र करते हुए संसोधित आदेश जारी करने की मांग की है। बताया है कि लिपकीय त्रुटि की वजह से स्कूल का उन्नयन नहीं हो सका है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा भी इस संदर्भ में पत्र लिखने का हवाला दिया गया है लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग अबतक संसोधित आदेश जारी नहीं कर सका है।
स्कूल उन्नयन न होने के कारण ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। भूख हड़ताल पर बैठे। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया लेकिन इससे भी कुछ नहीं हुआ। अफसर इन्हें आश्वासन देकर लौट आए लेकिन स्कूल का उन्नयन नहीं करवा सके।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत खम्हरिया बड़ा राजस्व ग्राम है। जिसकी आबादी करीब 10 हजार है। ग्राम से लगे हुए 8 प्रोषित ग्रामों में माध्यमिक शालाएं है लेकिन क्षेत्र में हाईस्कूल एक भी नहीं है। इन स्कूलों से प्रतिवर्ष पढकऱ निकलने वाले बच्चों को 8 किलोमीटर दूर स्थित हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रवेश लेना होता है। स्कूलों की दूरी अधिक होने, जंगल एवं दुर्गम मार्ग पर होने के कारण प्रतिवर्ष दर्जनों बेटियां व छात्र पढ़ाई छोडऩे पर मजबूर है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद स्कूल का उन्नयन किया गया लेकिन गलत डाइस कोड दर्ज कर दिया गया। वर्षों से प्रदर्शन और कई तरीकों से स्कूल के उन्नयन की मांग कर चुके हैं। स्कूल उन्नयन न होने से कई बच्चे आगे की पढ़ाई छोड़ देते है। पुन: जनसंवाद कार्यक्रम में अब कलेक्टर को इस समस्या से अवगत कराया जाएगा।
-कमलेश मार्को, सरपंच, ग्राम पंचायत खम्हरिया
माध्यमिक स्कूल खम्हरिया के उन्नयन संबंधी समस्या ग्रामीणों ने बताई है। स्कूल के उन्नयन को लेकर विभागीय अधिकायिरों से चर्चा कीगई है। भोपाल में भी वरिष्ठ अधिकरियों को इस समस्या से अवगत कराया गया है। नवीन सत्र में उन्नयन किए जानेे का आश्वासन मिला है। जल्द ही स्कूल का उन्नयन होने के बाद बच्चों को हाईस्कूल की सुविधा मिलेगी।
-धीरेन्द्र सिंह, विधायक, बड़वारा
ढीमरखेड़ा विकासखंड के माध्यमिक स्कूल खम्हरिया स्कूल के उन्नयन के लिए पुन: प्रस्ताव बनाकर शिक्षा विभाग को भेजा गया है। उन्नयन संबंधी आदेश अबतक नहीं आए हैं। नये शिक्षण सत्र में स्कूल का उन्नयन होने की संभावना है।
संयुक्ता उइके, बीइओ, विकासखंड ढीमरखेड़ा
Updated on:
29 Mar 2025 06:53 pm
Published on:
29 Mar 2025 11:54 am
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