चिकित्सकों के देरी से आने का नहीं सुधर रहा ढर्रा, मरीजों ने जताया रोष
कुडग़ांव. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सकों के देरी से आने से ढर्रा सुधर नहीं रहा है। चिकित्सकों के देरी से आने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है। मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। उनको खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक नहीं मिलने पर मरीजों ने रोष प्रकट किया।
मरीजों ने बताया कि मौसमी बीमारियों के चलते रोजाना मरीजों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन चिकित्सक समय पर नहीं मिलते हैं। उनको फोन करते हैं तो वे फोन अटेंड नहीं करते। अस्पताल में चिकित्सक नहीं मिलने पर मरीज नीम हकीमों से इलाज कराते हैं। यह स्थिति लंबे समय से चल रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं, लेकिन उनको चिकित्सकों का इंतजार करना पड़ता है।
निजी अस्पताल में जाने की मजबूरी
चिकित्सक नहीं मिलने पर गंभीर हालत के मरीजों को जान का खतरा रहता है। ऐसे में उनको निजी चिकित्सालयों में इलाज के लिए जाना पड़ता है। जहां उनको इलाज के लिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में आर्थिक दिक्कत का सामना भी करना पड़ता है। मरीजों का आरोप है, कि चिकित्सा विभाग के उच्चाधिकारी मरीजों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे। इस मामले में अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार मीणा ने बताया कि मेरी जानकारी में ऐसा मामला नहीं है। यदि चिकित्सक देरी से आते हैं तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सकों को मुख्यालय पर ही रहने व समय पर अस्पताल पहुंचने के लिए पाबंद कर रखा है।
केप्शन. सूना पड़ा कुडग़ांव का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र।