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पांचना बांध: रोशनी से दमकेगा, कम्प्यूटर से होगा संचालित

बांध पर आधुनिकीकरण के विकास कार्यों पर खर्च होंगे 12 करोड़विश्व बैंक पोषित बांध सुरक्षा परियोजना में पांचना को किया शामिल

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पांचना बांध: रोशनी से दमकेगा, कम्प्यूटर से होगा संचालित

पांचना बांध: रोशनी से दमकेगा, कम्प्यूटर से होगा संचालित

दिनेश शर्मा
करौली. जिले का सबसे बड़ा पांचना बांध आगामी कुछ समय में दुधिया रोशनी से दमकता और आधुनिक वैभव से चमचमाता नजर आएगा। स्काडा एवं ऑटोमेटिक गेट ऑपरेशन के साथ बांध पूरी तरह कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम से संचालित होगा। बांध पर इन सब आधुनिकीकरण के विकास कार्यों पर करीब 12 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। इसके लिए केन्द्रीय जल आयोग से हरी झण्डी भी मिल चुकी है।

पांचना बांध को विश्व बैंक पोषित बांध सुरक्षा एवं सुरक्षा परियोजना (डीआरआईपी) के अन्तर्गत शामिल किया गया है, जिसका केन्द्रीय जल आयोग से अनुमोदन भी हो गया है। आधुनिकीकरण के इन विकास कार्यों पर करीब 12 करोड़ रुपए खर्च होंगे। उच्च स्तर से हरी झण्डी मिलने के बाद जल संसाधन विभाग की ओर से विकास कार्यों को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। इसी माह विकास कार्यों के टेण्डर कराकर अनुमोदन के लिए विश्व बैंक के लिए भेजे जाएंगे।

यह होंगे विकास कार्य
जल संसाधन विभाग सूत्रों के अनुसार विश्व बैंक पोषित बांध सुरक्षा एवं सुरक्षा परियोजना (डीआरआईपी) अन्तर्गत बांध के विभिन्न प्रकार के सुरक्षात्मक एवं आधुनिकीकरण के कार्य शामिल किए हैं। इसमें बांध की गैलरी का सुरक्षात्मक कार्य कराने के साथ बांध क्षेत्र में सड़क का निर्माण कार्य कराया जाएगा इसके अलावा पूरे बांध क्षेत्र में बिजली का कार्य होगा, वहीं हाईमास्क लाइट की रोशनी से बांध दमकेगा। इसके अलावा जल निकासी छेदों की सफाई कराने के साथ पम्प सेट-जनरेटर स्थापित किए जाएंगे।

सुरक्षा की दृष्टि से सम्पूर्ण बांध क्षेत्र में तारबंदी भी कराई जाएगी। रेडियल गेटों का विशेष रखरखाव कार्य होगा। बांध स्थल पर सौलर पैनल स्थापित करने के साथ घाटों का निर्माण एवं विकास कार्य कराया जाएगा। वहीं आधुनिकीकरण कार्यों में स्काडा एवं ऑटोमेटिक गेट ऑपरेशन व कम्प्यूटराइजेशन कराया जाएगा।

7 गेट, 258.62 मीटर की है भराव क्षमता
करौली जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित पांचना बांध में कुल 7 गेट है, जबकि इसकी भराव क्षमता 258.62 मीटर है। जिले के इस सबसे बड़े बांध के निर्माण के दौरान इससे करौली-सवाईमाधोपुर जिलों के कुल 35 गांवों की हजारों हैक्टेयर भूमि को सिंचित करने का उद्देश्य था।

27 साल में बना था बांध
क्षेत्र की प्रमुख पांच नदियों के पानी को संग्रहित कर पांचना बांध का निर्माण कराया गया था। वर्ष 1978-79 से पांचना बांध का निर्माण कार्य शुरू हुआ, जो पूर्ण रूप से वर्ष 2004-2005 में पूरा हुआ था। शुरूआत में बांध को कच्चा मिट्टी का बनाकर पानी रोका गया, जिसे बाद में पक्का किया गया।

12 करोड़ से होंगे विकास कार्य
पांचना बांध को विश्व बैंक पोषित बांध सुरक्षा एवं सुधार परियोजना में शामिल किया है। केन्द्रीय जल आयोग से इसका अनुमोदन हो चुका है। परियोजना के विकास कार्यों के लिए 12 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। आगामी सप्ताह में टेण्डर विड डॉक्यूमेन्टस अनुमोदन के लिए विश्व बैंक भेजे जाएंगे।
विजयकुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग, खण्ड करौली