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सरकार ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने खुद ही उठाया सड़क निर्माण का बीड़ा

मासलपुर. जनप्रतिनिधियों एवं सरकार से लगातार गुहार के बाद भी जब सड़क नहीं बनी तो ग्रामीण खुद ही आपसी सहयोग से सड़क निर्माण के लिए आगे आए हैं। संत रुद्रनाथ की प्रेरणा पर भरतपुर और करौली जिले के 8 गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने शनिवार को हाथों में कुदाली, फावड़ा, परात लेकर सड़क निर्माण कार्य की शुरुआत की। गौरतलब है, कि वर्षों से ग्रामीण सरकार के स्तर से सड़क निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार करते रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने खुद ही सड़क निर्माण का बीड़ा उठाया है। ग्रामीणों ने

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सरकार ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने खुद ही उठाया सड़क निर्माण का बीड़ा

फोटो -मासलपुर. सड़क निर्माण कार्य करते ग्रामीण

सरकार ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने खुद ही उठाया सड़क निर्माण का बीड़ा
मासलपुर. जनप्रतिनिधियों एवं सरकार से लगातार गुहार के बाद भी जब सड़क नहीं बनी तो ग्रामीण खुद ही आपसी सहयोग से सड़क निर्माण के लिए आगे आए हैं। संत रुद्रनाथ की प्रेरणा पर भरतपुर और करौली जिले के 8 गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने शनिवार को हाथों में कुदाली, फावड़ा, परात लेकर सड़क निर्माण कार्य की शुरुआत की। गौरतलब है, कि वर्षों से ग्रामीण सरकार के स्तर से सड़क निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार करते रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने खुद ही सड़क निर्माण का बीड़ा उठाया है। ग्रामीणों ने बताया कि महज 12 किमी लंबी सड़क निर्माण कराने के लिए कई बार सरकार से मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार ग्रामीण खुद ही सड़क निर्माण में जुट गए। संत रुद्रनाथ ने बताया, कि आजादी के 75 सालों बाद भी डांग के कई इलाके सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। सरकार एवं जन प्रतिनिधियों की अनदेखी से परेशान नवलापुरा, डांडा, ज्ञानी का बेड़ा,गाजीपुर, कोल्हूपुरा, ताली, घुनैनी गांव के ग्रामीणों ने खुद ही अपना रास्ता सुगम करने का निर्णय किया।