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गर्मी की दस्तक के साथ पेयजल किल्लत शुरू

गुढ़ाचंद्रजी. गर्मी की दस्तक के साथ ही करौली जिले के कई गांवों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। गुढाचन्द्रजी इलाके के ढहरिया सहित अन्य गांव में पेयजल की भारी किल्लत चल रही है। लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि गांव में वर्षभर हर मौसम में पेयजल किल्लत रहती है। सर्दी में भी टैंकर मंगवाने पड़ते हैं। गर्मी में तो हालत खराब हो जाती है। बूंद बूंद पानी को लोग तरसते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जलदाय विभाग की एक योजना से गांव में तीन दिन में एक दिन पानी मिल रहा है। वही चंबल का पानी

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गर्मी की दस्तक के साथ पेयजल किल्लत शुरू

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गुढ़ाचंद्रजी. गर्मी की दस्तक के साथ ही करौली जिले के कई गांवों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। गुढाचन्द्रजी इलाके के ढहरिया सहित अन्य गांव में पेयजल की भारी किल्लत चल रही है। लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि गांव में वर्षभर हर मौसम में पेयजल किल्लत रहती है। सर्दी में भी टैंकर मंगवाने पड़ते हैं। गर्मी में तो हालत खराब हो जाती है। बूंद बूंद पानी को लोग तरसते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जलदाय विभाग की एक योजना से गांव में तीन दिन में एक दिन पानी मिल रहा है। वही चंबल का पानी भी आठ दिन में एक दिन मिल रहा है। गांव में तालाब, कुएं, बावड़ी आदि सूख चुके हैं। हेडपंप भी पानी की जगह हवा फेंकने लगे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सर्दी में तो जैसे तैसे काम चला लिया। लेकिन अब गर्मी में काफी समस्या आएगी।
ग्रामीण रामराज मीणा, राम रूप मीणा आदि ने बताया कि पर्याप्त पानी नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। पहले ही छोर पर पानी आता है जबकि अंतिम छोर पर हीरामन पाड़ा तलहटी पाड़ा छतरी पाड़ा तलाब भीतर आदि स्थानों पर लोग पेयजल के लिए भटक रहे हैं। महिलाएं दूर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। गांव में लाखों रुपए की लागत से बनी पेयजल परियोजना की टंकी भी लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने ढहरिया गांव में पेयजल समस्या का समाधान करने की मांग अधिकारियों से की है।