कानपुर

अवैध धर्मांतरण में 8 कट्टरपंथी उमर के संपर्क में, हवाला के जरिए धन लेने के मामले में बाल कल्याण विभाग का कर्मचारी गिरफ्त में

UP Mass religion conversion dharmantaran case update- उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण रैकेट से जुड़े तार में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। एक अन्य खुलासे में एटीएस की जांच में पता लगा है कि कानपुर के आठ शख्स मोहम्मद उमर गौतम और उसकी संस्था इस्लामिक दावा सेंटर (आईडीसी) के संपर्क में हैं।

कानपुरJun 30, 2021 / 01:42 pm

Karishma Lalwani

UP Mass religion conversion dharmantaran case

कानपुर. UP Mass religion conversion dharmantaran case update. उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण रैकेट से जुड़े तार में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। एक अन्य खुलासे में एटीएस की जांच में पता लगा है कि कानपुर के आठ शख्स मोहम्मद उमर गौतम और उसकी संस्था इस्लामिक दावा सेंटर (आईडीसी) के संपर्क में हैं। ये कट्टरपंथी हैं और इनमें एक-दो मौलवी भी हैं। यह कानपुर और इसके आसपास होने वाली उमर की सभाओं में भीड़ जुटाते थे। यहां से गैर मुस्लिम लोगों को टारगेट कर उन्हें धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते थे। यह सभी कोड वर्ड में बात करते थे, जिससे कि किसी को इन पर शक न हो। यूपी एटीएस धर्मांतरण के मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है। सबसे पहले उमर गौतम और जहांगीर गिरफ्तार हुए थे। रिमांड पर लेने के बाद इन दोनों ने धर्मांतरण संबंधि अपने गैंग को लेकर तमाम खुलासे किए हैं। इन खुलासों के आधार पर एटीएस टीम गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयत्न कर रही है। उधर, क्राइम ब्रांच ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
जांच एजेंसियों ने जिन संदिग्धों को चिह्नित किया है, उनकी धर्मांतरण कराने में अहम भूमिका है। गैर मुस्लिमों को ये लोग धर्मांतरण के लिए मोटिवेट करते हैं। बहला फुसलाकर सभाओं में ले जाते हैं। इसके बाद प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते हैं। गैर मुस्लिमों को नौकरी, शादी, अच्छा घर का लालच देकर अपनी बातों में फंसाया जाता था। धर्मांतरण करने वाले मूक-बधिर लोगों को उनके ही जैसे अन्य लोगों को भी इस मकड़जाल में शामिल कराने का टारगेट मिलता था। गैर मुस्लिम लोगों को आईडीसी से जुड़े अन्य लोगों से संपर्क करवाया जाता था। खासकर फोन पर। इसके बाद ये लोग माइंड वॉश करना शुरू करते हैं। आशंका जताई है कि काकादेव के आदित्य और ऋचा देवी के धर्मांतरण में भी इनकी भूमिका है।
पूछताछ का दौर जारी

धर्मांतरण मामले में पूछताछ का दौर जारी है। क्राइम ब्रांच ने एक-एक कर सभी का सत्यापन कर लिया है। एटीएस के अफसर भी पूछताछ कर रहे हैं। इन सभी के मोबाइल नंबरों की सीडीआर देखी जा रही है। पता किया जा रहा है कि पिछले एक दो वर्षों में कहां-कहां गए और किनसे मिले। आदित्य और ऋचा जैसे और कितने ऐसे हैं, जिन्हें प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया गया है।
धन लेने के मामले में बाल कल्याण विभाग का कर्मचारी गिरफ्त में

धर्मांतरण कराकर इसके बदले में धन के मामले में बाल कल्याण के कर्मचारी के शामिल होने की पुष्टि हुई है। इस बात की पुष्टि हुई है कि गूंगे बहरे बच्चों को समझाने वाला काजी जहांगीर नहीं कोई और था। पूछताछ के दौरान काजी जहांगीर अपने ही बयानों के जाल मे फंस गया था क्योंकि उसे गूंगे बहरो की भाषा आती नहीं थी और न ही ये भाषा उमर गौतम को आती थी। पूछताछ में उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्हें कहीं और से सहयोग मिलता था। गिरफ्तार उमर गौतम ने बताया कि उसने ऐसे लोगों की एक टीम बनाई थी जिन्होंने खुद धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपनाया हो। इसके बाद उमर देश और विदेश में अनेक कट्टरपंथी लोगों से मिला और उन्हें अपनी योजना बताई। इस काम के लिए विदेश से फंडिग मिलने के आश्वासन के बाद उसने अपनी इस पूरी टीम को इस साजिश मे लगा दिया।
हवाले के पैसे के सोर्स का भी खुलासा

जांच के दौरान इस बात से पर्दा उठा कि हवाला का पैसा कहां से आ रहा था। जांच में अनेक ऐसे लोगों की पहचान हुई जो उसे देश और विदेश से चंदा दिलवा रहे थे और जिन लोगों के जरिए हवाला का पैसा आ रहा था। जांच एजेंसियां जल्द ही इस मामले मे कुछ हवाला डीलरों से पूछताछ करेंगी। वहीं विदेशी फंडिंग की जांच कर रही ईडी को अनेक ऐसे बैंक खातों का पता लगा है जहां चंदे की रकम जमा कराई जा रही थी। इनके रिकॉर्ड तलब किए गए हैं।
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