
देश की नंबर वन दोपहिया कंपनी अगले माह हो जाएगी नीलाम
कानपुर। दुपहिया वाहन के क्षेत्र में देश की नंबर वन कंपनी बनकर राज करने वाली एलएमएल का वजूद ही अगले माह खत्म हो जाएगा। एलएमएल को पिछले डेढ़ साल से पुनर्जीवित करने के सारे प्रयास विफल हो गए। अब कंपनी लिक्विडेशन में चली गई है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद एलएमएल की सभी परिसंपत्तियां पांच फरवरी को नीलाम होंगी। पांच फरवरी को एलएमएल की 68 एकड़ में फैली विशाल फैक्ट्री से लेकर कबाड़ और कारों तक की नीलामी की जाएगी।
कुल कीमत ४०४ करोड़
किसी समय दोपहिया वाहन बाजार में एकछत्र राज करने वाली लोहिया मशीन्स लिमिटेड (एलएमएल) का वजूद अगले महीने हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। इस बार नीलामी की न्यूनतम कुल कीमत करीब 404 करोड़ रखी गई है। दिल्ली के सीनियर लिक्विडेटर अरुण गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पनकी में ही स्थित दो अन्य संपत्तियों की न्यूनतम कीमत लगभग 25 करोड़ रुपए तय की गई है। मुंबई में नरीमन प्वाइंट, अंधेरी ईस्ट और खार वेस्ट जैसे बेहद प्रीमियम इलाकों में स्थित चार प्रॉपर्टी की न्यूनतम कीमत 22 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इसके अलावा स्क्रैप व अन्य तमाम सामान भी नीलामी में रखे गए हैं। ई-नीलामी का समय पांच फरवरी को दोपहर 12.30 बजे से 4.30 बजे के बीच रखा गया है।
पिछली बोली को बैंक ने किया था खारिज
इससे पहले पिछले साल फरवरी में शहर के पांच उद्योगपतियों ने भी एलएमएल की संपत्तियां खरीदने के लिए नीलामी लगाई थी। उद्योगपति योगेश अग्रवाल ने 243 करोड़ रुपए की सबसे बड़ी बोली लगाई थी, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। क्योंकि वर्कर को हटाने की शर्त रखी गई थी। दूसरी वजह यह थी कि कंपनी की लिक्विडेशन वैल्यू 323 करोड़ रुपए थे, जिसके एवज में 243 करोड़ रुपए मिल रहे थे। उधर एलएमएल के 20 फीसदी शेयरधारकों ने वोट देने से इनकार कर दिया था। इससे 323 करोड़ का 20 फीसदी यानी 65 करोड़ रुपए निकल जाता। ये रकम घटकर 243 करोड़ से कम हो जाती। इसके बाद कर्मचारियों को निकालने पर ग्रेच्युटी और कम्पनेशन देना पड़ता, जो 42 करोड़ निकल रहा था। नौ महीने कंपनी के घाटे की रकम करीब 60 करोड़ रुपए निकल रही थी। यानी सब कुछ निकालकर बैंक को कुछ नहीं बच रहा था।
Published on:
15 Jan 2019 12:08 pm
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