
पीएम और डॉक्टर जोशी के बीच गुफ्तगू बनीं चर्चा का विषय
कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव 2019 के चलते शुक्रवार को कानपुर आए। निराला नगर स्थित जनसभा को सबोधित किया और विरोधी दलों पर जमकर बरसे। इस बीच उनका स्वागत सांसद डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी ने फूल देकर किया तो पीएम ने दोनों हाथ जोड़कर आर्शीवाद लिया। इस मौके पर डॉक्टर जोशी ने उन्हें महान नेता की संज्ञा दी। कहा, भारत ही नहीं पूरी दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कानपुर आए है। हमें मिलकर फिर से नरेंद्र भाई को देश का प्रधानमंत्री बनाना है। क्योंकि मोदी हैं तो सब मुमकिन है। जनसभा के समापन के बाद दोनों नेता अकेले में करीब पांच मिनट तक गुफ्तगू करते रहे। जो रैली के बाद सुर्खियों में छाई रही।
पहली बार देखा कामगार नेता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत कानपुर के सांसद डॉ. मुरलीमनोहर जोशी ने किया। इस मौके डॉक्टर जोशी ने कहा कि यह हमारे देश का सौभाग्य है कि हमको नरेंद्र भाई मोदी के रूप में अद्वितीय काम करने वाला प्रधानमंत्री मिला है। आज सुबह छह बजे से नई दिल्ली से चले हैं, अब रात आठ बजे तक पहुंचेंगे। देश के लिए समर्पण से काम करने के साथ ही अन्य जरूरी काम करने का उनके पास ऐसा अभ्यास है कि नौजवान भी फेल हो जाते हैं। 15 साल की उम्र में हमने आरएसएस ज्वाइन की। इस बीच सैकड़ों नेताओं से मिलने का मौका मिला, पर नरेंद्र मोदी जैसे नेता बहुत कम ही होंगे।
तो पहले क्यों नहीं हुआ
डॉक्टर जोशी ने कहा पीएम के में भारत की अर्थव्यवस्था इतनी तेजी से बढ़ रही है कि हम चीन को पीछे छोडऩे के करीब है। उन्होंने कहा कि अब प्रश्न उठता है कि यह पहले क्यों नहीं हो सका। बीते चार से साढ़े चार वर्ष में ही क्यों हो रहा है। इसका एक ही जवाब है। अब देश को मिला है काबिल प्रधानमंत्री। अब तो लगता है कि नरेंद्र भाई मोदी ही लंबे समय तक देश के प्रधानमंत्री रहें। डॉक्टर जोशी ने बताया कि जब भी हमने पीएम मोदी को किसी काम के लिए फोन किया, वो तय समय पर पूरा हुआ। इतना ही नहीं पीएम ने दूसरे दलों के जनप्रतिनिधियों की भी सुनी और उनके क्षेत्र के विकास कार्यो के लिए धन राशि समय पर आवंटित कराई।
पूर्व की सरकार में बैठे लोग नपुंसक थे
सांसद मुरली मनोहर जोशी ने कहा पूर्व की सरकार में बैठे लोग नपुंसक थे उनमें इतनी सामर्थ्य नहीं थी कि वह शत्रु की सीमा में जाकर उनका नाश कर सकें। मोदी ने विश्व में हिमालय की ऊंचाइयों तक भारत को पहुंचाया और जिन्होंने ऐसे एक साथ अनेक काम किए हैं जिनका विचार भी दूसरी सरकार नहीं कर सकती थी। देश में इतनी ऊर्जा और देश में इतना विश्वास पैदा हुआ उसका कारण नरेंद्र भाई की नीतियां हैं। 1971 में भारतीय सेना पाकिस्तान के अंदर दाखिल हुई थी। हम पिछले तीन दशक से आतंकवाद के दंश को झेल रहे हैं। पर हमें पूरा विश्वास है कि अब बारी पाकिस्तान की है और उसकी किए कि सजा भी मिलनी शुरू हो गई है।
Published on:
09 Mar 2019 09:20 am
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