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ताज नगरी के स्टूडेंट जानेंगे कन्नौज की खुशबू का रहस्य, जल्द ही सुगंध के गुर सीखने का मिलेगा मौका

इससे विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ एफएफडीसी के सभी केंद्रों में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को भी उच्च स्तर की पढ़ाई में सहूलियत मिलेगी।

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kannauj itra

कन्नौज. अब ताज नगरी के छात्र-छात्राओं को सुगंध के गुर सीखने का मौका मिलेगा। इससे रोजगार की संभावनाएं बढे़ंगी। इसके लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की पांच सदस्यीय हाई पॉवर कमेटी ने सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी) पहुंचकर मंथन किया। केंद्र के अधिकारियों से बातचीत कर हर पहलू पर विचार रखे। अब जल्द मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) की उम्मीदें बंधी हैं। इससे विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ एफएफडीसी के सभी केंद्रों में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को भी उच्च स्तर की पढ़ाई में सहूलियत मिलेगी।

सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र ने कुछ माह पूर्व डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति को छात्रों को सुगंध के गुर सिखाने के बाद रोजगारपरक शिक्षा देने का प्रस्ताव भेजा था। विश्वविद्यालय से पांच सदस्यीय हाई पॉवर कमेटी सुबह यहां पहुंची। कमेटी की अगुआई कर रहे विश्वविद्यालय के डीन रिसर्च प्रो. राजेश धाकड़े, रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अजय तनेजा, वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. आरके अग्निहोत्री, इंजीनियरिंग संस्थान के निदेशक डॉ. वीके सारस्वत व फार्मेसी के विभागाध्यक्ष डॉ. ब्रजेश तिवारी ने पहले केंद्र के अंदर हर्बल गार्डन, लैब, शोध संबंधित इंतजाम देखे।

लगभग बन गई आपसी सहमति
इसके बाद केंद्र के प्रधान निदेशक शक्ति विनय शुक्ला, कानपुर प्रसार इकाई के सहायक निदेशक भक्ति विजय शुक्ला, सहायक निदेशक एपी सिंह सेंगर, उप निदेशक नदीम अकबर के साथ चार घंटे तक मंथन किया। इसमें केंद्र की व्यवस्थाओं, शोध के तौर-तरीकों, खुशबू निकालने, प्रशिक्षण देने, सुगंधित पौधों की खेती करने की बारीकी समझी। इसके बाद यहां के हर्बल गार्डन में लगे विविध तरह के पौधों पर भी नजर डाली। कमेटी ने सभी इंतजाम देखकर अपनी सहमति भी लगभग जता दी है।

आपसी समझौते के बाद बात आगे बढ़ेगी
अब विश्वविद्यालय व केंद्र के बीच आपसी समझौते के बाद बात आगे बढ़ेगी। इससे विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को सुगंध के क्षेत्र में शोध, प्रशिक्षण के मौके मिल सकेंगे तो एफएफडीसी के प्रधान केंद्र कन्नौज व प्रसार इकाई कानपुर समेत अन्य में प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को एम फिल, पीएचडी समेत अन्य डिग्री हासिल करने में मदद मिलेगी।

भविष्य में बेहतर परिणाम आएंगे : एफएफडीसी के प्रधान निदेशक
एफएफडीसी के प्रधान निदेशक शक्ति विनय शुक्ला की मानें तो विश्वविद्यालय से आई पांच सदस्यीय हाई पॉवर कमेटी से हर पहलू पर विचार-विमर्श किया गया है। अब एमओयू की तरफ कदम बढ़ने की संभावना है। भविष्य में इसके बेहतर परिणाम आएंगे।

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