बता दें कि आंधी-तूफान ने सब कुछ तहस नहस कर दिया। ग्रामीणों ने जो आशियाना बनाया था, उसका छत तूफान में उड़ गया। वर्षों मेहनत कर बनाया हुआ आशियाना कुछ पल के आंधी तूूफान में उड़ने से ग्रामीण भयभीत है। तूफान की रफ्तार इतनी अधिक थी कि घरों में लगा हुआ टीन सेड, सीमेंट सीट उड़ता देख वे अपनी जान बचाने यहां से वहां भागते हुए दिखाई दिए। लोग पक्के मकान की ओर जान बचाने के लिए भागने लगे तो कुछ लोग अपने ही घरों में परिवार के साथ दुबके रहे। रात भर ग्रामीणों को डर के साए में रात गुजारना पड़ा।
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घरेलु सामान को भी पहुंचा नुकसान आंधी-तूफान से छत तो उड़ गया, लेकिन घर में रखे कई घरेलु सामान भी खराब हो गए। आंधी-तूफान से गांव के प्राथमिक शाला का टीन सेड भी उखड़कर फेंका गया। गांव के बड़े-बड़े पेड़ धरासाई हो गए। गांव के करीब 15 से 20 बिजली खंभे टुट कर गिर गया। बिजली के तार जमीन पर लटकने लगा, करंट का खतरा देख ग्रामीण घर पर ही दुबके रहे। कुछ घरों में विशालकाय पेड़ भी गिर गया जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।बिजली पोल गिरने से क्षेत्र के कई गांव अंधेरे में डूबा शाम अचानक आए आंधी तूप ान से गांव के साथ आस पास क्षेत्र के करीब 20 खंभे टुट कर गिर गया। जिससे कई गांवों की बिजली कट गई, कई गांव अंधेरे में डुबा हुआ है। बिजली विभाग ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है लेकिन बिजली पोल लगाने के बाद ही विद्युत सप्लाई शुरू हो पाएगी। कुछ दिन पहले भी जमकर आंधी तूफान आया था जिसमें जिले भर में 200 से ज्यादा बिजली खंभे टुट गए थे जिसे ठीक करने में 3 दिन का समय लग गया था लोगों को तीन दिन बाद बिजली बहाल हुआ थी।
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