14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

BSNL टॉवर का हाल बेहाल! सालों से नहीं बैठते कोई कर्मचारी, आखिर ऐसा क्यों?

CG News: कांकेर जिले के अंतागढ़ नगर से लेकर गांवों तक इंटरनेट पहुंच चुका हैं। मोबाइल के जरिए लोग अपना काम आसानी से कर पा रहे है।

2 min read
Google source verification
BSNL टॉवर का हाल बेहाल! सालों से नहीं बैठते कोई कर्मचारी, आखिर ऐसा क्यों?

CG News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ नगर से लेकर गांवों तक इंटरनेट पहुंच चुका हैं। मोबाइल के जरिए लोग अपना काम आसानी से कर पा रहे है। पहले एक मात्र भारत सरकार का बीएसएनएल कंपनी का टॉवर ही लगा और घरों तक लैंडलाइन से मोबाइल का उपयोग होने लगा आज कई कंपनी आ गई है जिससे इंटरनेट कनेक्टिविटी बहुत ज्यादा बढ़ गई है।

मोबाइल से लेकर हर तरह के काम नेट के माध्यम से होने लगा है किंतु भारत सरकार की बीएसएनएल कंपनी का हाल बद से बत्तर होते जा रहा है। अंतागढ़ के ऊपर पारा में लगे बीएसएनएल कंपनी के टॉवर देखरेख नहीं होने के कारण खंडहर में तब्दील हो रहा हैं। वहा एक कर्मचारी के रुकने के लिए भवन भी बना है लेकिन कोई कर्मचारी नहीं रहता और हमेशा बंद रहता है।

यह भी पढ़ें: CG News: बस्तर का ये खूबसूरत दृश्य हर कोई चाहता है कैमरे में कैद करना

CG News: देखरेख नहीं होने से खंडहर में हुआ तब्दील

बीएसएनएल कंपनी करीब 20 से 25 साल पहले अंतागढ़ में आया और टॉवर भी लगा तब लोगों में एक अलग खुशी झलक रही थी। लोग मोबाइल लेकर बीएसएनएल का सिम कार्ड खरीदने सुबह से शाम तक लाईन लगाकर खरीदते थे। किंतु आए दिन नेट की शिकायत रहता जिसके लिए बकायदा वहां एक कर्मचारी की नियुक्ति की गई जिससे लोग अपनी शिकायत लेकर जाए तो तुरंत समाधान हो सके।

ऊपर पारा स्थित लगे बीएसएनएल टॉवर में रुकने एक कर्मचारी के लिए भवन भी बना है और वहां पहले एक पाणिग्रही सरनेम का कर्मचारी रहता भी था। आज सात से आठ साल बीत गए यहां कोई कर्मचारी नहीं हैं। हालांकि यहां नियुक्त कर्मचारी का डेरा भानुप्रतापपुर में है जो अगर कोई फोन कर शिकायत करे तब आना होता है। वहीं कोई कर्मचारी नहीं होने के चलते लोगों को काफी परेशानियां होती है।

केबल कट जाए तो बनने में लगता है 3 दिन

आज लगभग दुकानों पर बीएसएनएल का वाई फाई लगा हुआ है। बार-बार नेट की शिकायत रहती है, कभी केबल कट जाता है तो भानुप्रतापपुर से कर्मचारी को आते दिन से रात हो जाता है। फिर बना या न बना तो दूसरे और तीसरे दिन का इंतजार करना पड़ता हैं जिससे दुकान में आए ग्राहको को भी परेशानियां होती है।

कई लोग सरकारी विभाग से लेकर दुकानों के चक्कर काटते नजर आते है। बैंकों में पैसों का भुगतान नहीं हो पाता। यही सब को देखते हुए यहां के जनप्रतिनिधि को दूरसंचार विभाग को पत्र लिखकर तुरंत कर्मचारी की नियुक्ति कर यही रहने को कहा जाए ताकि लोगों बेहतर सेवाएं मिल सके।